कोटा ,शिक्षा नगरी कोटा में रात एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। शहर के जवाहर नगर थाना क्षेत्र स्थित इंदिरा विहार में एक दो मंजिला निर्माणाधीन इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। इस हादसे में मलबे के नीचे दबने से एक कोचिंग छात्र समेत दो लोगों की मौत हो गई है। घटना के बाद तुरंत चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन को अब पूरा कर लिया गया है और मलबे में दबे सभी लोगों को बाहर निकाल लिया गया है। हादसे में कुल 13 लोग घायल हुए थे, जिनमें से 5 को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि 8 घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
रेस्टोरेंट में खाना खा रहे थे लोग, तभी हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, यह घटना शनिवार रात करीब 8:45 बजे हुई। जिस समय यह हादसा हुआ, उस वक्त बिल्डिंग में चल रहे ‘दिल्ली नॉनवेजÓ नामक रेस्टोरेंट में काफी चहल-पहल थी। बताया जा रहा है कि घटना के वक्त बिल्डिंग में ग्राहकों और 10-12 स्टाफ सदस्यों को मिलाकर कुल 30 से 40 लोग मौजूद थे। अचानक बिल्डिंग गिरने से इलाके में हड़कंप मच गया। चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाई और प्रशासन के पहुंचने से पहले ही मलबे में दबे लोगों को निकालना शुरू कर दिया और उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
मृतकों और घायलों की स्थिति
इस भीषण हादसे में दो लोगों की जान चली गई है। मरने वालों में एक कोचिंग छात्र शामिल है, जिसकी पहचान पश्चिम बंगाल निवासी ‘अरण्यÓ के रूप में हुई है, जो एलेन कोचिंग संस्थान का छात्र था। दूसरे मृतक की उम्र करीब 13 से 14 वर्ष बताई जा रही है, जिसकी शिनाख्त के प्रयास जारी हैं। वहीं, मेडिकल कॉलेज के नर्सिंग स्टाफ ने अस्पताल लाए गए एक मृतक की पहचान 23 वर्षीय भूपेंद्र के रूप में भी बताई है, जो कोटा का ही निवासी था। घायलों में साजिदा और शालीन नाम की दो महिलाएं भी शामिल हैं। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पूरे इलाके की बिजली काट दी है।
देरी से पहुंची क्रेन, लोगों में दिखा गुस्सा
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंच गईं, लेकिन स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि रेस्क्यू के लिए क्रेन करीब डेढ़ घंटे की देरी से पहुंची। लोगों का कहना था कि अगर क्रेन समय पर आती तो राहत कार्य और तेजी से हो सकता था। मौके पर जिला कलेक्टर पीयूष सांवरिया और अतिरिक्त जिला कलेक्टर अनिल सिंघल ने स्थिति का जायजा लिया। इसके अलावा शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल-चाल जाना।
चश्मदीदों ने बताया आंखों देखा हाल
हादसे में घायल हुए एक छात्र ने बताया कि वह अपने दोस्तों के साथ रेस्टोरेंट में खाना खाने गया था, तभी अचानक पूरी इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई और वे मलबे में दब गए। गनीमत रही कि रेस्क्यू टीम ने समय रहते मलबे से 15 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया। बिल्डिंग का निर्माण कार्य अभी जारी था, इसके बावजूद वहां कमर्शियल गतिविधियां चल रही थीं, जो अब जांच का विषय है।
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