श्रीनगर गढ़वाल : हेमु हरित एनर्जी मिशन उत्तराखंड के तहत यूसीडीएफ और केईसी एग्रेटेक के संयुक्त उद्यम से यह परियोजना तैयार की जा रही है, जो श्रीनगर क्षेत्र में अपनी तरह की पहली और एकमात्र पहल है। प्लांट शुरू होते ही रोजाना तीन टन गोबर से करीब 500 किलोग्राम बायो गैस तैयार होगी। इसके लिए आसपास के गांवों की दुग्ध समितियों के साथ-साथ श्रीनगर और कीर्तिनगर की गोशालाओं से गोबर एकत्र किया जाएगा। गोबर देने वाले किसानों और गो शालाओं को दो रुपये प्रति किलो का भुगतान किया जाएगा, जिससे ग्रामीण आय को सीधा लाभ मिलेगा। केईसी एग्रेटेक के सीनियर इंजीनियर सचिन बिष्ट और अरविंद ने बताया कि अब तक जिसे लोग बेकार समझकर सड़कों और खेतों में फेंक देते थे, वही गोबर अब ऊर्जा, खाद और रोजगार तीनों देगा। गोबर संग्रहण से लेकर प्लांट संचालन तक स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा। (एजेंसी)