जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : कांग्रेस के चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डा. हरक सिंह रावत ने भारतीय जनता पार्टी के तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पर लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग निर्माण की अनदेखी का आरोप लगाया। कहा कि कोटद्वार का विधायक व वन मंत्री रहते हुए उन्होंने मार्ग निर्माण के लिए काफी प्रयास किए। कहा कि सड़क निर्माण पर रोक लगने के बाद भाजपा की मौजूदा सरकार ने न्यायालय में ठोस पैरवी नहीं की है, जिस कारण सड़क मार्ग का कार्य लंबित है।
गुरुवार को हरक सिंह रावत ने चिल्लरखाल में मार्ग निर्माण को लेकर चल रहे आंदोलन को अपना समर्थन दिया। कहा कि लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग केवल कोटद्वार नहीं बल्कि पूरे उत्तराखंड के विकास के लिए जरूरी है। पिछली भाजपा सरकार में वन मंत्री रहते उन्होंने लालढांग-चिलरखाल मोटर मार्ग निर्माण के लिए धन स्वीकृत करवाकर निर्माण कार्य शुरू करवाया गया। मार्ग पर करीब 80 प्रतिशत निर्माण कार्य भी हो चुका था। लेकिन, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने निर्माण कार्य रुकवा दिया। जिससे सड़क निर्माण का कार्य अधर में लटक गया। कहा कि लालढांग-चिलरखाल मोटर मार्ग कोई नया मार्ग नहीं है। इस मार्ग पर वन अधिनियम लागू होने से पूर्व वर्ष 1978-79 में वन विभाग की तरफ से निर्माण कार्य कराया जा चुका है। कहा कि इस सड़क का सिर्फ जीर्णोद्धार होना है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व क्षेत्रीय विघायक ऋतु खंडूडी भूषण से सड़क निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर करने का आग्रह किया। कहा कि यदि प्रदेश सरकार चाहे तो उच्चतम न्यायालय में लगी रोक को हटाया जा सकता है। कहा कि न्यायालय में ठोस पैरवी करवाने की आवश्यकता है। इस मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष विनोद डबराल, गोपाल गुसांई, राजाराम अण्थ्वाल, हेमा नेगी, रवींद्र सौंद, प्रवीण थापा, देवेंद्र रावत, सुशीला जोशी, इंदू नौटियाल सहित कई अन्य मौजूद रहे।