टूटे चैंबर व गड्ढों से बढ़ा खतरा, नींद में सरकारी सिस्टम

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कोटद्वार क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में क्षतिग्रस्त पड़े हैं चैंबर
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : लगता है कोटद्वार नगर निगम को जन सरोकार से कोई सरोकार नहीं रह गया है। प्रत्यक्ष प्रमाण इस बात से लगाया जाता है कि नगर निगम के विभिन्न वार्डों में क्षतिग्रस्त चैंबर की अब तक मरम्मत नहीं करवाई गई है। यही नहीं, एक वर्ष बीत जाने के बाद भी झंडाचौक व नगर निगम कार्यालय के मध्य पंजाब नेशनल बैंक के समीप हाईवे पर बने गड्ढे की मरम्मत भी नहीं हुई। ऐसे में राहगीरों को हर समय दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। निगम की लापरवाही कब किसकी जिंदगी पर भारी पड़ जाएं कुछ कहा नहीं जा सकता।
बीते वर्ष पांच जुलाई को हुई बारिश के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग की सड़क धंस कर बड़ा गढ्ढा बन गया था। राहगीर गड्ढे की चपेट में आने से चोटिल न हों, इसके लिए आसपास के व्यापारियों ने इसके आसपास पत्थर रख दिए थे। लोगों ने गड्ढे को बंद करने के लिए नगर निगम व स्थानीय प्रशासन को सूचना दी। लेकिन, एक वर्ष बीत जाने के बाद भी नगर निगम ने इस गड्ढे पर ध्यान नहीं दिया। नतीजा, आज भी गड्ढा राहगीरों के लिए खतरा बना हुआ है। गड्ढे के नीचे से एक नाला भी गुजर रही है। वर्षा होने पर नाले में तेज पानी भी बहता है। ऐसे में यदि कोई बच्चा या बुजुर्ग गड्ढे में गिरा तो एक बड़ा हादसा हो सकता है। यही नहीं, सड़क पर पानी भरने के दौरान गड्ढा नजर भी नहीं आता। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम विकास के बड़े-बड़े दावे कर रहा है। लेकिन, एक गड्ढे तक की मरम्मत तक नहीं हो पाई है। स्थिति देखकर लगता है कि नगर निगम किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।

चुनौती बन रहे टूटे चैंबर
कोटद्वार नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत शायद ही कोई ऐसा वार्ड हो जहां आपको नाली के ऊपर क्षतिग्रस्त चैंबर न दिखाई दें। सबसे बुरी स्थिति सिताबपुर, मानपुर व भाबर के विभिन्न वार्डों में बनी हुई है। कई स्थानों पर तो नाले से चैंबर पूरी तरह गायब हो चुके हैं। वर्षा काल में बहने वाली नालों में यदि कोई गिरा तो उसकी सांसें थमना तय है।

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