लखनऊ ,बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने गठबंधन को लेकर चल रही खबरों का खंडन किया है। उन्होंने आरोप लगाए कि लोगों को गुमराह करने की नीयत से झूठी खबरें फैलाई जा रही हैं। मायावती ने कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और भाजपा की सोच भीमराव अंबेडकर विरोधी होने के कारण उनके साथ गठबंधन से बसपा को भारी नुकसान होता है। मायावती ने बुधवार को एक बयान जारी करके कहा, व्यापक देश व जनहित की कड़वी हकीकत के बारे में देश व दुनिया को जागृत करके लोकतंत्र और संविधान को मजबूती प्रदान करने के बजाय, इन दिनों एआई को सफलता की कुंजी बताने की स्वार्थी चर्चाओं के बीच किसी ना किसी बहाने बसपा के बारे में यह चर्चा है कि उत्तर प्रदेश में पार्टी विधानसभा का होने वाला अगला चुनाव गठबंधन में लड़ेगी, जो विशुद्ध रूप से लोगों को गुमराह करने की नीयत वाली यह झूठी और मनगढ़ंत खबरें हैं। उन्होंने कहा कि अपने बलबूते पर चुनाव लड़ने के बारे में बसपा की ओर से एक बार नहीं, बल्कि कई बार सार्वजनिक तौर पर घोषणा की गई। कुछ लोग घिनौनी साजिश में पड़कर इस प्रकार की उल्टी-पुल्टी व गलत खबर प्रचारित करने की फर्जी उड़ान भरकर अपना समय और इमेज दोनों बर्बाद करते हैं।
बसपा सुप्रीमो ने लिखा, पार्टी के लोगों को यह अच्छी तरह से मालूम है कि कांग्रेस, सपा और भाजपा की सोच संकीर्ण है और बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर विरोधी होने के कारण इनकी अंबेडकरवादी बसपा से गठबंधन करने की नीति सिर्फ वोटों का राजनीतिक व चुनावी स्वार्थ है। ऐसे गठबंधन से बसपा को नुकसान होता है। इसलिए 2027 में अकेले ही पूरे जी-जान से लगे हुए हैं।
मायावती ने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि वे ऐसी अनर्गल व मनगढ़ंत बातों पर कतई भी ध्यान ना दें और वे हाथी की मस्त चाल चलते रहें। 2007 की तरह अकेले ही यह चुनाव लड़कर फिर से वे बसपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएं।
मायावती ने यह भी जानकारी दी कि उन्होंने वर्तमान सरकार की ओर से दिल्ली में अलॉट टाइप-8 बंगले को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने बताया कि यह उन्हें त्यागराज मार्ग पर अलॉट बंगले के बदले में मिला है। बसपा सुप्रीमो ने कहा कि इसको लेकर राजनीति करना उचित नहीं है।