जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : प्रत्येक वर्ष फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा की रात को होलिका दहन करने की परंपरा है। कोटद्वार शहर में में भी होलिका दहन को लेकर उत्साह देखने को मिला। शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर होलिका सजाई गई थी। लोगों ने पूजन के बाद होली का दहन किया। देर रात तक युवा डीजे की धुन पर नाचते रहे।
गढ़वाल के प्रवेश द्वार कोटद्वार में होली का पर्व का उत्साह देखने को मिला। कोटद्वार के झंडाचौक में कांवड़ सेवा समिति की ओर से होलिका दहन का आयोजन किया। वहीं, देवी मंदिर में भी मंदिर समिति की ओर से होली का दहन किया गया। सुबह से ही महिलाएं झंडाचौक में पहुंचना शुरू हो गई थी। देर शाम तक महिलाओं ने झंडा चौक में होलिका पूजन किया। रात्रि करीब साढ़े आठ बजे रीति-रिवाज के साथ होलिका दहन किया गया। जैसे ही होलिका जली, होलिका की गोद में बैठे प्रह्लाद को हटा दिया गया। होलिका दहन के दौरान बड़ी तादाद में क्षेत्रीय जन मौजूद रहा। इधर, दोपहर से ही झंडाचौक पर डीजे की धुन में युवा थिरकने लगे थे। गाड़ीघाट, मानपुर, तड़ियाल चौक सहित अन्य स्थानों पर होलीका का दहन किया गया।