देहरादून()। भारतीय सेना से रिटायर्ड सूबेदार मेजर को नौकरी के दौरान बेची जमीन की आरोपी ने फर्जीवाड़े से किसी अन्य को रजिस्ट्री कर दी। आरोप है कि खरीदारों ने उनका ताला तोड़कर जमीन पर कब्जा ले लिया। शिकायत पर पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रिटायर्ड सूबेदार मेजर अब्दुर रहीम खान मूल रूप से हरिद्वार जिले के रुड़की निवासी हैं। सेना में नौकरी के दौरान 13 जुलाई 2005 को देहरादून ब्राह्मणवाला में 300 वर्ग फीट जमीन शफीक अहमद से खरीदी थी। जमीन रजिस्ट्री होने के बाद कब्जा लिया और उस पर एक कमरा बना दिया। इसके बाद देहरादून से राजस्थान व अन्य प्रदेशों में पोस्टिंग रहे। इसके चलते देहरादून कम आते थे। अगस्त 2024 में जब वे अपनी संपत्ति देखने पहुंचे तो ताला टूटा मिला और किसी अन्य का ताला लगा था। जांच-पड़ताल से पता चला कि मूल मालिक शफीक अहमद ने मरने से पहले 11 मार्च 2024 को उसी जमीन को 8.18 लाख रुपये में वसीम पुत्र गुलजार (रक्षा विहार, अधोईवाला) को बेच दिया और रजिस्ट्री उपनिबंधक तृतीय देहरादून में करा दी। आरोप है कि शफीक के बेटों साहिल अमन और दानिश के साथ मिल यह फर्जीवाड़ा किया। जब मामला थाने पहुंचा तो जनवरी 2025 में आरोपी पक्ष ने गलती स्वीकार की और रजिस्ट्री निरस्त करने का वादा किया। इसके बाद आरोपी मुकर गए। जून 2025 में जब रिटायर्ड सूबेदार मेजर अपने मकान की मरम्मत करा रहे थे तो दानिश, वाहिद व सोनू ने मजदूरों को धमकाया और काम रुकवा दिया। इसके बाद साहिल अमन ने फोन पर धमकी दी कि फौज में शहीद नहीं हुए, हम शहीद कर देंगे और जिसे जमीन बेची है वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश का बड़ा बाहुबली है, एक इशारे पर उठवा लेगा। 12 जून 2025 की रात आरोपियों ने मकान के सामने दीवार खड़ी कर दी। ताले तोड़कर अपना ताला लगा दिया। इंस्पेक्टर पटेलनगर सीबीएस अधिकारी ने बताया कि शिकायत पर साहिल अमन, दानिश, वाहिद और सोनू के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए जांच की जा रही है।