फाइलों में कैद चाका-सिलोड़ा की सड़क

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– लोनिवि ने दो बार किया सर्वे, अब पीएमजीएसवाई को मिली जिम्मेदारी
नई टिहरी(। प्रतापनगर ब्लाॅक में मुखमाल गांव का चाका और सिलोड़ा गांव सड़क से नहीं जुड़ पाया है जिससे गांव में निवास कर रहे लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि लोनिवि पांच किमी सड़क के लिए दो बार की सर्वे के अलावा कुछ काम नहीं कर पाया है जिससे ग्रामीणों के सामने ढाई-तीन किमी पैदल नापने की मजबूरी बनी है। उपली रमोली में चाका और सिलोड़ा के लोग लंबे समय से पांच किमी सड़क बनाने की मांग कर रहे हैं लेकिन विभाग सर्वे के अलावा कोई काम नहीं कर पाया है। जिससे चाका गांव की 300 और सिलोड़ा गांव की 350 की आबादी पैदल नापने को मजबूर हैं। कंडियालगांव की जिला पंचायत सदस्य विजय देवी पंवार ने डीएम को दिए ज्ञापन में बताया कि गांव तक सड़क नहीं पहुंचने के कारण किसी के बीमार होने और वजनी सामान घर पहुंचाने के लिए खासी मशक्कत उठानी पड़ रही है।
इंटर में पढ़ रहे गांव के छात्र-छात्राओं को जंगल के रास्ते करीब पांच किमी जंगली जानवरों के भय के साए में पैदल आवागमन करना पड़ रहा है। रविंद्र पंवार ने बताया कि लोनिवि ने 2017 व 2019 में सौंदगाड चाका से सिलोड़ा सड़क के लिए सर्वे किया था लेकिन उसके बाद भी कार्यवाही ठप पड़ी है। गांव के किशन सिंह राणा, सुभाष सिंह राणा, अर्जुन सिंह राणा, कुंदना देवी, उर्मिला देवी, बिजला देवी और छुमना देवी ने गांव को शीघ्र ही सड़क से जोड़ने की मांग की है। बताया गया कि रोड का प्रस्ताव पीएमजीएसवाई को भेजा गया है। डीएम नितिका खंडेलवाल ने संबंधित विभाग को शीघ्र सर्वे शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
चाका-सिलोड़ा रोड का प्रस्ताव हमारे पास आ गया है। इसी माह रोड का सर्वे कार्य शुरू कर दिया जाएगा। सड़क में आ रही वन भूमि की एनओसी मिलने में समय लगेगा। सब कार्य समय से निपटता है तो अक्तूबर-नवंबर माह निविदा लगाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।- अविनाश कुमार सैनी, ईई पीएमजीएसवाई नई टिहरी।

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