चमोली आपदा पीड़ितों की मदद को आगे आई समिति

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार। सात फरवरी को तपोवन में ग्लेसियर टूटने से श्रृषिगंगा में आई भयानक बाढ़ से एनटीपीसी के पावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले कर्मियों व प्रभावित ग्रामीणों को हुये जान माल के नुकसान पर उत्तरांचल दैवी आपदा पीड़ित सहायता समिति के केन्द्रीय अध्यक्ष विनोद नौटियाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में दु:ख व्यक्त करते हुये मृतात्माओं की आत्मा की शान्ति व परिजनों को इस दु:ख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने के लिये भगवान बदरी विशाल से प्रार्थना की गई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि दैवी आपदा पीड़ित सहायता समिति प्रभावित परिवारों व उनके बच्चों की उसी भांति सहायता करेगी जैसी कि 1991 में उत्तरकाशी में आये भूकम्प व 2013 में केदारनाथ (रुद्रप्रयाग) में आई भीषण आपदा में की गई व अभी भी की जा रही है। उत्तरकाशी व रुद्रप्रयाग जिलों में पांच छात्रावास, 6 विद्यालय, पन्द्रह बाल संस्कार केन्द्र, सात कम्प्यूटर व सिलाई प्रशिक्षण केन्द्र व नौ चिकित्सालय खोले गये हैं। नारायणकोटी रुद्रप्रयाग में लगभग दस करोड़ लागत का उच्च सुविधाओं का चिकित्सालय है। इसी प्रकार लगभग आठ करोड़ लागत का बड़ा छात्रावास है। ज्ञातव्य है कि उत्तरांचल दैवी आपदा पीड़ित सहायता समिति राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की प्रेरणा से चलने वाला सेवा संगठन है।

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