जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : शुक्रवार को कोटद्वार व आसपास के क्षेत्र में हुई बारिश से मौसम का मिजाज बदल गया। पर्वतीय क्षेत्रों के साथ ही मैदान में भी पारा अचानक लुढ़क गया। ठंड से बचाव के लिए लोगों ने हीटर व अलाव का सहारा लिया। इधर बारिश से गेहूं की खेती को संजीवनी मिली है। जिससे काश्तकारों के चेहरे खिल गए।
शुक्रवार सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ था। 11 बजे के बाद अचानक बूंदा-बांदी शुरू हो गई। रुक-रुक कर हो रही बारिश का दौर देर शाम तक चलता रहा। अचानक हुई बारिश को गेहूं की फसल के लिए संजीवनी बताया जा रहा है। काश्तकार प्रशांत कुमार, मनोज सिंह ने बताया कि पानी नहीं मिलने से गेहूं की फसल बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई थी। ऐसे में बारिश से फसल को काफी लाभ मिलेगा। वहीं, बारिश के साथ ठिठुरन भी बढ़ गई है। दोपहर बाद सड़क पर बहुत कम लोग घूमते हुए दिखाई दिए। लोगों ने ठंड से बचाव के लिए अपने घरों में हीटर व अलाव का सहारा लिया। ठंड से सबसे अधिक परेशान सड़क पर बेसहारा घूमने वाले लोग थे। हालांकि इन लोगों के लिए नगर निगम ने शहर में मुख्य चौराहों पर अलाव की व्यवस्था की है। लेकिन, बारिश होने के कारण वह भी नहीं जल पाए।