जयन्त प्रतिनिधि।
थलीसैंण : राजकीय स्नाातकोत्तर महाविद्यालय, थलीसैंण में आईक्यूएसी एवं करियर काउंसिलिंग सेल के संयुक्त तत्वावधान में काल्पनिक बुद्धि पर कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. योगेन्द्र चन्द्र सिंह ने कहा कि परिवर्तन के चार परिमान होते हैं। पूर्व के तीन प्रतिमान सीधे निरीक्षण एवं प्रयोग व ऊपर से नीचे की ओर कार्य करते थे, जबकि अन्तिम चतुर्थ प्रतिमान नीचे से ऊपर को कार्य करता है। कहा कि वास्तविक बुद्धि विषय नैतिकता पर आधारित तथा काल्पनिक बुद्धि विकल्प पर आधारित होती है। उन्होंने कहा कि मानव ने जब कृषि, लेखन व तकनीकी की खोज की तब जीवन में परिवर्तन हुआ। कहा कि काल्पनिक बुद्धि मशीन द्वारा अधिगम पर आधारित है। इस कारण हमें परिवर्तन को पकड़ने या समझने का प्रयास करना चाहिए नहीं तो परिवर्तन हमें जकड़ लेगा और बाहर कर देगा। कहा कि हमें प्रदूषण निवारण, कृषि की नवीनता हेतु काल्पनिक बुद्धि पर कार्य करना चाहिए। इस मौके पर छात्रों को कम्प्यूटर एवं काल्पनिक बुद्धि के मध्य तुलनात्मक सम्बन्ध के बारे में बताया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. दुदुन मेहता ने किया।