उत्तरकाशी। चारधाम यात्रा के प्रथम पड़ाव पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगांव उत्तराखंड बनने के बाद भी विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है। छह माह चलने वाली चारधाम यात्रा के दौरान भी अस्पताल को विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं मिल पाते हैं। इससे स्थानीय लोगों के साथ ही यात्रा के दौरान यात्रियों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए परेशान होना पड़ता है।यमुनोत्री चारधाम यात्रा मार्ग पर पीएचसी डामटा, सीएचसी नौगांव स्वास्थ्य सेवाओं के बड़े केंद्र हैं लेकिन किसी भी अस्पताल में महत्वपूर्ण चिकित्सक फिजिशियन नहीं है। इस वजह से मामूली इलाज के लिए भी लोगों को डेढ़ सौ किमी दूर देहरादून की दौड़ लगानी पड़ती है। नौगांव सीएचसी में छह एमबीबीएस चिकित्सक अपनी सेवाएं दे रहे हैं लेकिन दंत चिकित्सक को छोड़कर चिकित्साधीक्षक, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, फिजिशियन, ऑर्थोपेडिक्स सहित सभी विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद रिक्त हैं। वहीं, नौगांव अस्पताल की सफाई की जिम्मेदारी सिर्फ एक सफाई कर्मी के भरोसे है जबकि अतिरिक्त सफाई कर्मी को अस्पताल प्रबंधन ने व्यवस्था के तौर पर रखा हुआ है। कांग्रेस के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष राम प्रसाद सेमवाल ने कहा कि चारधाम यात्रा के प्रथम पड़ाव पर स्थित सीएचसी नौगांव यमुनाघाटी का सबसे पुराना अस्पताल है जो विशेषज्ञ चिकित्सक विहीन है। वहीं, सीएचसी नौगांव के प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हरदेव सिंह पंवार ने बताया कि चारधाम यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर ज्यादा दबाव रहता है। सीएचसी सेंटरों में फिजिशियन, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ और हड्डी रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों की व्यवस्था जरूरी है। नौगांव अस्पताल में दंत चिकित्सक को छोड़ कर विशेषज्ञ चिकित्सकों के सभी पद रिक्त हैं।