आकांक्षी कार्यक्रम के अंतर्गत ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार, गदरपुर, मोरी और स्याल्दे को किया पुरुस्कृत
जयन्त प्रतिनिधि।
देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्य सेवक सदन, देहरादून में सम्पूर्णता अभियान सम्मान समारोह कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नीति आयोग, भारत सरकार द्वारा प्रदत्त प्रशस्ति पत्र एवं पदकों से आकांक्षी जनपद कार्यक्रम एवं आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जिलों एवं विकासखंडों को सम्मानित किया।
नीति आयोग द्वारा संचालित आकांक्षी जनपद कार्यक्रम के अंतर्गत तय मानकों की पूर्णता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए उत्तराखंड के जनपद ऊधमसिंह नगर एवं हरिद्वार को पुरुस्कृत किया गया एवं आकांक्षी विकासखण्ड कार्यक्रम के अंतर्गत उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त करने वाले गदरपुर, मोरी और स्याल्दे विकासखंडों को पुरस्कृत किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आकांक्षी जिला एवं आकांक्षी विकासखण्ड कार्यक्रम के माध्यम से स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, कृषि, इंफ्रास्क्ट्रचर, सामाजिक विकास एवं वित्तीय समावेशन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अभूतपूर्व सुधार किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह गर्व का विषय है कि इस योजना के अंतर्गत नीति आयोग द्वारा जारी आकांक्षी जनपदों की रैंकिंग में हरिद्वार जनपद को वर्ष 2022 में देश में सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त हुआ है। वहीं विकासखंडो की श्रेणी में गदरपुर, मोरी और स्याल्दे सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक जनपद, दो उत्पाद, हाउस ऑफ हिमालयाज, स्टेट मिलेट मिशन, फार्म मशीनरी बैंक, एप्पल मिशन, नई पर्यटन नीति, नई फिल्म नीति, होम स्टे, वेड इन उत्तराखंड और सौर स्वरोजगार योजना जैसी योजनाएं संचालित हैं। उन्होंने कहा हाउस ऑफ हिमालयाज के माध्यम से पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान दिलाने का काम किया जा रहा है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजान दास, विधायक उमेश शर्मा काऊ, विधायक श्रीमती सविता कपूर, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. श्रीधर बाबू अदांकी, डायरेक्टर डॉ. मनोज पंत अन्य लोग मौजूद रहे।
112 जनपदों में से हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिले का हुआ था चयन
गौरतलब है कि नीति आयोग, भारत सरकार द्वारा वर्ष 2018 में आकांक्षी जनपद कार्यक्रम प्रारम्भ किया गया था। कार्यक्रम के अंतर्गत देशभर के 112 जनपदों में से उत्तराखंड के दो जनपद (हरिद्वार एवं ऊधमसिंह नगर) को आकांक्षी जनपद के रूप में चयनित किया गया था। जनपद ऊधम सिंह नगर को जुलाई 2019 में देश के सभी आकांक्षी जिलों में शिक्षा एवं नवंबर 2020 में वित्तीय समावेशन और कौशल विकास के क्षेत्र में दूसरा स्थान मिला। जनपद ऊधम सिंह नगर को अगस्त 2021 में कृषि क्षेत्र में तीसरा स्थान मिला एवं जुलाई 2022 में कृषि क्षेत्र में प्रथम स्थान मिला। जनपद हरिद्वार को जुलाई 2019 में सभी आकांक्षी जिलों में प्रथम स्थान मिला एवं जून, 2022 में बुनियादी सुविधा के क्षेत्र में प्रथम स्थान मिला। जनपद हरिद्वार ने जुलाई 2022 में सभी आकांक्षी जिलों में प्रथम स्थान प्राप्त किया एवं जुलाई 2022 में स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में दूसरा स्थान प्राप्त किया। इसी प्रकार जनवरी 2023 में आकांक्षी विकास खण्ड कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया था। कार्यक्रम के अंतर्गत देश के 500 विकासखंडों का चयन किया गया। उत्तराखंड के कुल 6 विकासखंड, जनपद हरिद्वार से बहादराबाद, पौड़ी गढ़वाल से दुगड्डा, उत्तरकाशी से मोरी, ऊधमसिंह नगर से गदरपुर, अल्मोड़ा से स्याल्दे तथा बागेश्वर से कपकोट को आकांक्षी विकासखण्ड के रूप में चयनित किया गया। नीति आयोग द्वारा जनपदों एवं विकास खण्डों को 6 संकेतकों को संतृप्तिकरण किये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया, जिसमें सरकार के प्रयासों से प्रदेश के चयनित विकासखंडों में से 3 आकांक्षी विकास खण्डों द्वारा 06 में से 3 से अधिक संकेतकों को श्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए संतृप्तिकरण किया गया है।