जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : सुधा सती मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से चमोली के रैणी गांव से निकाली गई चिपको चेतना यात्रा गुरुवार को कोटद्वार पहुंची। इस दौरान सदस्यों ने चिपकों आंदोलन की प्रणिता गौरा देवी को भारत रत्न देने की मांग उठाई।
गुरुवार को नजीबाबाद चौराह के समीप स्थित एक रेस्टोरेंट में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि सुधा सती मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से 24 मार्च को रैणी गांव से यात्रा प्रारंभ की गई। प्रदेश के 13 जिलों से होकर 30 मार्च को यात्रा देहरादून में संपन्न होगी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त ग्रीन मैन आफ इंडिया विजय सिंह बघेल ने कहा कि पर्यावरण को बचाने के लिए देवभूमि की मातृशक्ति ने चिपको आंदोलन चलाया था। इस आंदोलन से उत्तराखंड को पूरे विश्व में पहचान मिली। इस आंदोलन ने समाज में पर्यावरण की चेतना दिखाई। चेतना यात्रा के संयोजक सुरेश सुयाल ने गौरा देवी के जन्म शताब्दी वर्ष पर विभिन्न पहलुओं पर कार्य करने की बात कही। उन्होंने समाजसेवा के लिए दिए गए सुधा सती के योगदान को भी याद किया। कहा कि सुधा सती ने समाज को नई दिशा देने का कार्य किया। इस मौके पर आरएसएस के सह भाग कार्यवाह चंदन नकोटी, सेवानिवृत्त खाद्य उप निदेशक संग्राम सिंह भंडारी, सतीश ध्यानी, जगदीश लाल पाहवा, प्रमोद शर्मा, ओमप्रकाश, अनिल नवानी, दिनेश जुयाल, संग्राम सिंह भंडारी, नंदा बिष्ट, अरविंद दुदपुड़ी, दीपू जसोला, नरेंद्र चौधरी आदि मौजूद रहे।