बसुकेदार क्षेत्र में फटा बादल, भारी नुकसान, राहत एवं बचाव कार्य जारी

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जयन्त प्रतिनिधि।
रूद्रप्रयाग : जनपद रुद्रप्रयाग के तहसील बसुकेदार अंतर्गत बड़ेथ डुंगर तोक क्षेत्र में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। जिला प्रशासन के अनुसार स्यूर में एक मकान क्षतिग्रस्त होने एवं वाहन (बोलेरो) बहने, बड़ेथ, बगडधार, तालजामनी गांव के दोनों ओर गदेरे में पानी और मलबा आने, किमाणा में खेती की भूमि एवं सड़क पर बड़े-बड़े बोल्डर व मलबा आने, अरखुण्ड में मछली तालाब एवं मुर्गी फार्म बहने, छेनागाड़ (बाजार क्षेत्र) बाजार में मलबा भरने एवं वाहनों के बहने, छेनागाड़ डुगर गांव में कुछ लोगों के गुमशुदा होने, जौला बड़ेथ में कुछ लोगों के गुमशुदा होने की संभावना है।
जनपद रुद्रप्रयाग के तहसील बसुकेदार अंतर्गत बड़ेथ डुंगर तोक क्षेत्र में बादल फटने की घटना के चलते मलबा आने से कुछ क्षेत्रों में नुकसान की सूचना प्राप्त हुई है। जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर संचालित किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन आपदा कंट्रोल रूम से लगातार अधिकारियों से संपर्क बनाए हुए हैं तथा प्रभावित क्षेत्रों में जिला स्तरीय अधिकारियों की तैनाती की कार्रवाई की जा रही है। जिलाधिकारी ने बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सभी जिलास्तरीय अधिकारी जिला आपदा कंट्रोल रूम में परस्पर समन्वय के साथ लगातार कार्य कर रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में टीम रास्ता खोलने के लिए जुटी हुई हैं। प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्गों को चिन्हित कर राहत एवं बचाव दल भेजे जा रहे हैं। जिला स्तर से विभिन्न अधिकारियों को संबंधित राजस्व निरीक्षक एवं अन्य कार्मिकों के साथ प्रभावित ग्रामों में तत्काल कार्यवाही के लिए भेज दिया गया है। जिला प्रशासन प्रभावित लोगों को त्वरित सहायता एवं सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहा है। राहत व बचाव कार्यों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस एवं राजस्व विभाग की टीमें सक्रिय रूप से जुटी हुई हैं।

जिलाधिकारी ने दिए आवश्यक दिशा निर्देश
जिला प्रशासन की प्राथमिकता जनजीवन की सुरक्षा और त्वरित राहत
जयन्त प्रतिनिधि।
रूद्रप्रयाग : जनपद रुद्रप्रयाग में विगत रात्रि से हुई अतिवृष्टि के चलते ताल जामण क्षेत्र में 4 से 5 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने की सूचना प्राप्त हुई। सौभाग्यवश इन मकानों में प्राकृतिक आपदा में कोई जनहानि नहीं हुई, घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन ने बिना देर किए प्रभावित परिवारों को नजदीकी प्राथमिक विद्यालय में सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया है। वहां रहने और खाने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही पशुओं के लिए भी चारे की व्यवस्था की जा रही है, प्रभावितों की हर संभव सहायता के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों सहित क्षेत्रीय पटवारियों की तैनाती की गई है। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए गए है कि चार डॉक्टरों सहित मेडिकल टीम को तुरन्त मौके के लिए रवाना किया जाए तथा ये टीम लोगों को जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगी और तीन दिनों तक घटनास्थल पर ही मौजूद रहेगी।

छेनागाढ़ में आठ लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका
छेनागाढ़ क्षेत्र में 8 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने सूचना मिलते ही त्वरित निर्णय लेते हुए आपदा प्रबंधन की टीमें, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ और स्थानीय प्रशासनिक बलों को मौके पर भेज दिया है। रेस्क्यू अभियान पूरी मुस्तैदी से चलाया जा रहा है।
इसी प्रकार, जखोली क्षेत्र में एक महिला के हताहत होने की सूचना प्राप्त होते ही क्षेत्र में राहत और बचाव दल को तत्काल रवाना कर दिया गया है।

यातायात और पशुधन के लिए सक्रिय हुआ प्रशासन
जिलाधिकारी द्वारा जनपद में बंद सड़कों को खोलने के लिए अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग को तत्काल निर्देश जारी किए गए हैं, जिन स्थानों पर पशु मलबे में फंसे हुए हैं वहां पर जेसीबी शीघ्र पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए चारा एवं चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

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