सीएम ने आत्मनिर्भर उत्तराखंड सम्मेलन का किया उद्धाटन

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ऑनलाइन कार्यक्रम में जुड़े जिलाधिकारी व अन्य अधिकारी
जयन्त प्रतिनिधि।
पौड़ी। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से जनता दरबार सभागार देहरादून में आत्मनिर्भर उत्तराखंड 25 सम्मेलन का आयोजन किया गया। उद्घाटन सत्र में जनपद से जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे, डीएफओ गढ़वाल मुकेश कुमार, एसडीएम मुक्ता मिश्र, डीपीआरओ एम.एम.खान, मुख्य उद्यान अधिकारी डॉ. नरेन्द्र कुमार, जिला पर्यटन अधिकारी के.एस. नेगी, अधिशासी अभियंता जल संस्थान एस.के.राय, अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई राजीव रंजन सहित संबंधित अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े हुए थे।
शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास कार्यालय के जनता दरबार सभागार देहरादून में आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड 25 सम्मेलन का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड 2025 की जो अवधारणा रखी है, उसके लिए सबके विचार और सबकी सहभागिता चाहते हैं। राज्य निरन्तर विकास की ओर अग्रसर है, लेकिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यहां पर समय-समय पर प्राकृतिक आपदाएं आती रहती हैं, जिसके कारण हम आगे बढ़कर फिर पीछे आ जाते हैं। कहा कि हिमालय की रक्षा के लिए सबको आगे आना होगा। राज्य विकास के लिए सभी को अपने दायित्वों के अलावा कुछ अलग से अतिरिक्त प्रयास जरूर करने चाहिए। उन्होंने कहा कि आज जो विचार श्रृंखला शुरू हुई है, उसे सभी के सहयोग से आगे बढ़ाया जायेगा। बताया गया कि आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड 25 के तहत 6 चरणों में किये जाने हेतु कार्ययोजना बनाई जायेगी। विकास की परिकल्पना के लिए शिक्षा, ऊर्जा, कृषि आदि पर फोकस करते हुए गंभीरता से सोचने की आवश्यकता है कि ढांचा कैसा हो। बताया गया कि यहां की महिलाएं बहुत परिश्रमी और दृढ़ संकल्प शक्ति वाली होती हैं। महिला शक्ति को प्राकृतिक खेती से जोड़कर जैविक खेती को बढ़ावा देकर आमदनी को बढ़ाया जा सकता है। नदियों को पुर्नजीवित करने के लिए सभी वैज्ञानिक संस्थानों से आपसी समन्वय से काम करने की अपील की गई। राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों दृष्टिगत रोजगार, पलायन एवं बार्डर एरिया आदि के संबंध में समाधान/सुझाव भी मांगे गये। कहा कि हिमालय हम सबका है, सबको अपना दायित्व समझकर इसकी रक्षा के लिए अपनी भागीदारी को समझना होगा। देश के समस्त संस्थानों को एकजुट होकर इस पर चिन्तन करना चाहिए। कार्यक्रम में नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार, प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रधानमंत्री डॉ. रघुवन सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिभाग किया गया।

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