ऋषिकेश। कोहरे के बाद अब ऋषिकेश में शीतलहर का प्रकोप बढ़ रहा है। सर्द हवाओं के बीच बढ़ी ठिठुरन से लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। शुक्रवार को ऋषिकेश में सुबह नौ बजे तक घना कोहरा छाया रहा। दृश्यता कम होने से सड़कों पर वाहन रेंगते हुए चले। शुक्रवार सुबह से ही आसमान को कोहरे ने घेर लिया। हर तरफ कोहरे की चादर बिछी दिखी। इसी बीच शीतलहर भी चली, जिससे नौकरी-पेशा और जरूरी कार्यों के लिए घरों से बाहर निकले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सर्दी में वह न सिर्फ कंपकंपाते दिखे, बल्कि दोपहिया चलाने के दौरान कई लोगों के हाथ भी सुन्न हो गए। अमूमन भीड़भाड़ वाले पर्यटक स्थल आस्थापथ और आसपास कोहरे और शीतलहर की वजह से सैलानियों की संख्या भी न के बराबर ही रही। कोहरे में शहर का बाजार में सुबह देरी से खुला और दिन ढलने के बाद रात में जल्दी ही बंद भी हो गया है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 16 और न्यूनतम सात डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। जबकि, दिन में तापमान दस डिग्री तक भी पहुंचा, जिससे ठिठुरन बढ़ी हुई नजर आई। राज्य मौसम निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने बताया कि मौसम में फिलहाल बदलाव की संभावना बनी हुई है। रेल और बस सेवाएं रहीं प्रभावित कोहरे की वजह से परिवहन सेवाओं पर भी असर पड़ रहा है। दिल्ली रूट की रोडवेज बसें निर्धारित समय से आधे से एक घंटे की देरी से गतंव्य तक पहुंच रही हैं। ऋषिकेश के बाद हरिद्वार पहुंचते ही आगे के रूट पर कोहरे के चलते रोडवेज बसों की रफ्तार धीमी हो रही है। देरी से यात्रियों को भी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। योगनगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन पर देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचने वाली लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनें भी प्रभावित हैं। देहरादून और हेमकुंड एक्सप्रेस स्टेशन पर एक से दो घंटे की देरी से आ रही हैं। जबकि, इसके बाद पहुंचने वाली प्रयागराज, उत्कल, जयपुर सिटी और गंगानगर एक्सप्रेस भी लेट हो रही हैं। फसलों के नुकसान होने का खतरा बढ़ा कोहरे और पाले की वजह से फसलों को भी नुकसान होने की आशंका काफी बढ़ गई है। खासकर आलू, मसूर और चने की फसलों के झुलसा रोग के चपेट में आने की खतरा बन गया है। चौड़े और गोल पत्ते वाली फसलों पर पाला ठहरता है, जोकि उनके खराब होने का बड़ी वजह बन जाता है। कोहरे के हालात इसी तरह से बने रहे, तो यह फसलों को पूरी तरह से प्रभावित करेगा। इससे किसानों के चेहरे भी शिकन दिख रही है। वहीं, पूर्व कृषि अधिकारी डीएस असवाल ने बताया कि अगले कुछ दिनों में यह हालात बने रहते हैं, तो फसलों के नुकसान की प्रबल आशंका है। इन दिनों में बारिश होती थी, लेकिन अभी इसके दूर-दूर तक आसार नहीं दिख रहे हैं। बारिश होती है, तो यह फसलों के लिए वरदान से कम नहीं होंगी।