जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : उत्तराखंड संस्कृत अकादमी की ओर से आयोजित प्रतियोगिताओं का समापन हो गया है। इस दौरान श्लोकोच्चारण प्रतियोगिता में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोटद्वार के छात्र नवीन बिष्ट ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
उत्तराखंड संस्कृत अकादमी हरिद्वार की ओर से कोटद्वार के प्रेक्षागृह में प्रतियोगिताओं का आयोजन करवाया जा रहा है। दूसरे दिन प्रतियोगिताओं का शुभारंभ मालनी वेली एजुकेशन के अध्यक्ष योगंबर रावत, यश वेदी व नमन भटनागर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया। वक्ताओं ने कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी भारतीय संस्कृति, सभ्यता और ज्ञान परंपरा की मूल धारा है। वेद, उपनिषद, रामायण, महाभारत, गीता जैसे विश्व विख्यात ग्रंथ इसी भाषा में रचे गए हैं। इसलिए संस्कृत को देववाणी भी कहा जाता है। प्रतियोगिता के संयोजक रोशन गौड़ ने कहा कि दूसरे दिन आयोजित श्लोकोच्चारण प्रतियोगिता में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के छात्र नवीन बिष्ट, श्री ज्वालपा देवी संस्कृत विद्यालय के छात्र गौरव थपलियाल, संस्कृत विद्यालय भुवनेश्वरी कोट के छात्र अक्षत उपाध्याय ने प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया। संस्कृत समूहनृत्य में राजकीय बालिका इंटर कालेज दुगड्डा ने प्रथम, संस्कृत विद्यालय भुवनेश्वरी कोट ने द्वितीय, राजकीय आदर्श इंटर कालेज धुमाकोट नैनीडांडा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। संस्कृत वाद-विवाद प्रतियोगिता में संस्कृत विद्यालय भुवनेश्वरी कोट प्रथम, जयदयाल उच्च्तर माध्यमिक विद्यालय श्रीनगर द्वितीय व ज्वाल्पा देवी संस्कृत विद्यालय कल्जीखाल तृतीय रहा। इस मौके पर डा. रमाकांत कुकरेती, कुलदीप मैंदोला आदि मौजूद रहे।