देहरादून()। शेयर बाजार में निवेश के झांसे में साइबर ठगों ने रिटायर्ड कर्नल को अपना शिकार बनाया। उनसे करीब 11.20 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित की साइबर सेल में दी शिकायत पर पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिमला बाईपास निवासी कर्नल सतेंद्र कुमार सिंह (सेवानिवृत्त) ने पुलिस को तहरीर दी। बताया कि उन्हें वृतिका आनंद नाम की एक महिला ने संपर्क किया था। उसने खुद को वेंचुरा सिक्योरिटीज के सीईओ का असिस्टेंट बताया और शेयर ट्रेडिंग के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया। ग्रुप में तथाकथित एक्सपर्ट शेयर बाजार और आईपीओ में भारी मुनाफे का दावा करते। जालसाजों ने कर्नल सिंह को अपना बताया एप डाउनलोड कराया। विश्वास जीतने के लिए ठगों ने एक चाल चली। शुरुआती निवेश के बाद जब कर्नल ने जांचने के लिए एप से 5,000 और 100 रुपये की निकासी की तो वह पैसा तुरंत उनके बैंक खाते में आ गया। इससे उन्हें लगा कि एप असली है। इसके बाद उन्होंने मुनाफे के चक्कर में अलग-अलग तारीखों में करीब 12.75 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में जमा कर दिए। एप पर कर्नल सिंह के खाते में मुनाफे के साथ कुल रकम करीब 64.95 लाख रुपये दिखने लगी। जब उन्होंने इसमें से 15 लाख रुपये निकालने की कोशिश की तो रिक्वेस्ट खारिज कर दी गई। ठगों ने शर्त रखी कि 200% मुनाफा होने के कारण पहले उन्हें 20% सर्विस फीस (करीब 11 लाख रुपये) अलग से जमा करनी होगी। कर्नल ने मुनाफे में से ही फीस काटने का आग्रह किया, लेकिन ठग नहीं माने और बाद में उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप से हटा दिया गया। इसके बाद ठगी का पता लगने पर उन्होंने शिकायत की। इंस्पेक्टर पटेलनगर सीबीएस अधिकारी ने बताया कि शिकायत पर सोमवार को अज्ञात आरोपियों के खिलाफ साइबर ठगी की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।