आठ दिवसीय उत्तरायणी मेले का रंगारंग समापन

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बागेश्वर()। आठ दिवसीय उत्तरायणी मेले का मंगलवार को समापन हो गया है। मुख्य अतिथि विधायक पार्वती दास ने कहा कि बागेश्वर के उत्तरायणी मेले पहचान पूरे भारत में है। यह एक ऐसा मेला है जहां संस्कृति, व्यापार व राजनीति एक साथ देखने को मिलती है। कुली बेगार जेसी कुप्रथा का अंत भी इसी बगड़ से हुआ था। नए गीत, झोड़ा, चांचरी और छपेली भी इसी मेले में बनते हैं। नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने में मेलों का विशेष महत्व है। नुमाईशखेत रंगमंच पर आयोजित पुस्कार वितरण समारोह में विधायक दास ने कहा कि इस बार के मेले में स्थानीय कलाकारों के अलावा स्कूली बच्चों को बेहतरीन मंच मिला है। पुलिस व प्रशासन ने भी मेला संपन्न कराने में विशेष सहयोग दिया। नगर पालिका ने मेलार्थिययों के लिए बेहतरीन सुविधा दी थी। लोगों ने शांतिपूर्वक मेले का आनंद लिया। दर्जा मंत्री शिव सिंह बिष्ट ने कहा कि गंगा स्नान का यह मेला विशेष मेला है। स्थानीय लोगों के अलावा प्रवासी भी अपने बच्चों के उपनयन व चूड़ाकर्म कराने के लिए यहां आते हैं। नगर पालिकाध्यक्ष सुरेश खेतवाल ने सभी के सहयोग के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि मौसम ने भी इस बार मेलार्थियों पर विशेष कृपा की। आठ दिन मौसम साफ रहने से बाहर से आए व्यापारियों ने भी अच्छा करोबार किया। भविष्य में मेले को और बेहतर बनाया जाएगा। मेलाधिकरी प्रियंका रानी ने सभी का आभार जताया। इस मौके पर भुवन कांडपाल हरीश सोनी, संजय साह जगाती, आलोक पांडेय, रघुवीर दफौटी, मनोज कपकोटी आदि मौजूद रहे। संचालन जयंत भाकुनी, दीपक खेतवाल व अजय चंदोला ने किया। कृषि उद्यान विभाग का स्टॉल रहा अव्वल बागेश्वर(आरएनएस)। नुमाईशखेत मैदान में विभिन्न विभागों के साथ ही महिला समूहों के भी स्टॉल लगे थे। स्टाल प्रदर्शन में उधान व कृषि विभाग प्रथम, उधोग विभाग दूसरे व वन विभाग तीसरे नंबर पर रहा। समापन पर विधायक, दर्जा मंत्री व सीडीओ आरसी तिवारी ने उन्हें सम्मानित किया।

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