रुद्रपुर। एकल सदस्यीय समर्पित आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति बीएस वर्मा (सेवानिवृत्त) ने सिरौलीकलां में ओबीसी आरक्षण को लेकर जनसुनवाई की। इस दौरान स्थानीय लोगों के विचार, सुझाव और आपत्तियां सुनी गईं। कार्यक्रम में शहरी विकास विभाग के अपर निदेशक विनोद कुमार सुमन भी मौजूद रहे। बुधवार को नगरपालिका कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में न्यायमूर्ति वर्मा ने बताया कि यह प्रक्रिया शहरी स्थानीय निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आरक्षण संबंधी सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुपालन का महत्वपूर्ण चरण है। समर्पित आयोग ओबीसी समुदाय के सामाजिक और राजनीतिक पिछड़ेपन का समकालीन अध्ययन कर आरक्षण की सीमा तय करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरक्षण की कुल सीमा 50 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती। राज्य सरकार द्वारा गठित यह आयोग आंकड़ों के संकलन, विश्लेषण और परीक्षण के बाद अपनी सिफारिशें देगा। इन्हीं के आधार पर भविष्य में होने वाले निकाय चुनावों में आरक्षण तय किया जाएगा। जनसुनवाई में स्थानीय नागरिकों को अपने सुझाव और आपत्तियां रखने का अवसर दिया गया। पूर्व प्रधान नासिर हुसैन ने बताया कि सिरौली में लगभग 90 प्रतिशत आबादी ओबीसी वर्ग की है। इस पर आयोग अध्यक्ष ने पुनः आरक्षण की अधिकतम सीमा 50 प्रतिशत होने की बात दोहराई। जनसुनवाई के दौरान कोई औपचारिक आपत्ति दर्ज नहीं हुई। इस मौके पर पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, तहसीलदार गिरीश चंद त्रिपाठी, नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी दीपक शुक्ला, ताहिर मलिक सहित कई जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित रहे।