जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : मनरेगा का नाम बदलने से आक्रोशित कांग्रेसियों ने केंद्र सरकार का पुतला दहन किया। कहा कि केंद्र सरकार जनता के हित को छोड़ नाम बदलने का ही कार्य कर रही है। जनता की अनदेखी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बुधवार को कांग्रेसी झंडाचौक के समीप एकत्रित हुए। जहां उन्होंने केंद्र सरकार का पुतला दहन किया। कहा कि कांग्रेस ने मनरेगा योजना बनाई थी। मनरेगा केवल एक योजना नहीं बल्कि ग्रामीण भारत के गरीब, मजदूर व जरूरतमंद वर्ग को मिला काम का अधिकार है। इस कानून ने ग्रामीण क्षेत्रों में सौ दिन के रोजगार की गारंटी देकर लाखों परिवारों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर दिया है। कहा कि भाजपा सरकार जानबूझकर मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने का प्रयास कर रही है। कहा कि केंद्र सरकार रोजगार के अधिकार को समाप्त कर उसे केंद्र नियंत्रित चैरिटी मॉडल में बदलने की साजिश रच रही है, जिसे कांग्रेस पार्टी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी। कार्यकत्र्ताओं ने मनरेगा को कमजोर करने वाले प्रस्ताव को तत्काल वापस लेने व महात्मा गांधी से जुड़े इस ऐतिहासिक व जनकल्याणकारी कानून से छेड़छाड़ बंद करने की मांग की। इस मौके पर मीना बछवाण, प्रवीन रावत, संजय मित्तल, विजय नारायण सिंह, साबर सिंह नेगी, हेमचंद पंवार, धीरेंद्र सिंह बिष्ट, बृजपाल सिंह नेगी, नीरज बहुगुणा, कमल किशोर बिष्ट, जानकी बुड़ाकोटी, सूरज प्रकाश, अमित राज सिंह, राजीव कपूर, सुनील सेमवाल, राकेश शर्मा मौजूद रहे।