देहरादून। महानगर कांग्रेस कमेटी ने गैस आपूर्ति की कमी, वितरण व्यवस्था में सुधार आदि मुद्दों को खाद्य पूर्ति अधिकारी केसमक्ष उठाया। कहा कि शहर में गैस सिलेंडरों का बैकलॉग हजारों की संख्या में पहुंचने से उपभोक्ताओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। सोमवार को महानगर कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष लालचन्द शर्मा के नेतृत्व में कांग्रेस वर्करों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला पूर्ति अधिकारी से मुलाकात की। उन्होंने शहर में गैस आपूर्ति की कमी, वितरण व्यवस्था में सुधार, नवगठित शहरी वार्डों के लिए गैस लिमिट संशोधन एवं उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए डीएसओ ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पूर्व महानगर कांग्रेस अध्यक्ष लालचन्द शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण घरेलू एवं व्यावसायिक गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इससे जनता परेशान हो रही है। शहर में गैस सिलेंडरों का बैकलॉग हजारों की संख्या में पहुंच गया है, जिससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। प्रशासन द्वारा स्थिति सामान्य होने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। कहा कि लोगों को आज भी गैस एजेंसियों और गोदामों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं और उन्हें समय पर गैस उपलब्ध नहीं हो पा रही है। लालचन्द शर्मा ने बताया कि एनएफएसए के राशन कार्डों में पिछले डेढ़ साल से नवजात शिशुओं और नवविवाहित महिलाओं के नाम दर्ज नहीं हो पा रहे हैं, जिससे पात्र परिवारों को लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने मांग की कि पात्र व्यक्तियों के नए राशन कार्ड बनाए जाएं, अंत्योदय कार्ड की तर्ज पर चीनी का आवंटन जारी किया जाए। महंगाई को देखते हुए तेल, दाल आदि को भी राशन में शामिल किया जाए। एपीएल कार्ड धारकों को गेहूं का कोटा और रियायती दर पर चावल उपलब्ध कराने तथा लंबित स्मार्ट कार्ड शीघ्र जारी करने की भी मांग की गई। प्रदेश महामंत्री वीरेंद्र पोखरियाल ने कहा कि सरकार की लापरवाही और कुप्रबंधन के कारण आम जनता को मूलभूत सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। कहा कि गैस जैसी आवश्यक वस्तु की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है, लेकिन वर्तमान व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। जिला पूर्ति अधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उपभोक्ताओं की समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाएगा।—फूड वेंडर्स की आजीविका प्रभावित हो रही: राजकुमारप्रतिनिधिमंडल ने बताया कि निगम में शामिल किए गए कई नए वार्ड पहले ग्रामीण क्षेत्र में थे, लेकिन अब भी वहां 45 दिन की गैस आपूर्ति सीमा लागू है। घरेलू गैस लगभग 28 दिन में समाप्त हो जाती है। गैस संकट के कारण छोटे व्यापारी जैसे फास्ट फूड विक्रेता, चाय दुकान संचालक और फूड वेंडर्स की आजीविका प्रभावित हो रही है। वहीं गोशालाओं में पशुओं के लिए चारा तैयार करने में भी गैस की कमी से कठिनाई उत्पन्न हो रही है। पूर्व विधायक राजकुमार ने सुझाव दिया कि नवगठित वार्डों को तत्काल शहरी सूची में शामिल किया जाए, ताकि वहां शहरी मानकों के अनुसार गैस आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। साथ ही लंबित बुकिंग को समाप्त करने के लिए अतिरिक्त गैस आपूर्ति, छोटे व्यापारियों के लिए प्राथमिकता कोटा, 48 से 72 घंटे के भीतर गैस डिलीवरी सुनिश्चित करें।राजकुमार ने कहा कि शादी व त्यौहारों के मद्देनजर विशेष आपूर्ति व्यवस्था लागू की जाए।—यह रहे प्रतिनिधिमंडल में शामिलप्रतिनिधिमंडल में प्रदेश महामंत्री वीरेंद्र पोखरियाल, संजय किशोर, वीरेंद्र पोखरियाल, रमेश कुमार मंगू, राजीव पुंज, पार्षद अर्जुन सोनकर, आनंद त्यागी, प्रवीण त्यागी, वीरेंद्र बिष्ट, असाध्य, पार्षद मुकीम अहमद, राजेश शर्मा, सुनील कुमार बांग्ला, अमरजीत सिंह, राजेंद्र सिंह घई, सुभाष धस्माना, अशद, पुनीत कुमार, नमन कुमार आदि शामिल रहे।