जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : केंद्र सरकार की ओर से मनरेगा का नाम बदले जाने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों ने रोष व्यक्त किया है। कहा कि कार्यकर्ताओं ने सरकार पर जनता की अनदेखी कर जन विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। कहा कि जनता की अनदेखी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पूर्व प्रदेश महामंत्री रंजना रावत के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकत्र्ता तहसील परिसर में एकत्र हुए, जहां उन्होंने उपजिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया। रंजना रावत ने कहा कि वर्तमान में केंद्र सरकार ने पूर्व से चली आ रही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम का नाम बदल कर श्रीरामजी ग्रामीण रोजगार और सामाजिक मिशन का विधेयक संसद में पारित करवा दिया है। कहा कि वर्तमान में केंद्र सरकार लोगों को विकास के नाम पर गुमराह करने का प्रयास कर रही है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की योजनाओं के नामों को बदला जा रहा है। कहा कि भाजपा सरकार महात्मा गांधी का नाम मिटाने की साजिश रच रही है। कहा कि केंद्र सरकार ईडी व सीबीआई जैसी एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। कहा कि नेशनल हेराल्ड के मामले को भी दिल्ली राउज एवेन्यू कोर्ट ने चार्जशीट पर शिकायत को अवैध मानते हुए संज्ञान लेने से मना कर दिया। जिससे स्पष्ट होता है कि केंद्र सरकार विपक्ष के खिलाफ जांच एजेंसियों का दुरुपयोग साबित होता है। इस मौके पर लक्ष्मी चौहान, प्रदीप नेगी, आशाराम, परमानंद, सुशीला भारती, महावीर सिंह नेगी, वीरेंद्र सिंह रावत मौजूद रहे।