जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : प्रथम चीफ आफ डिफेंस स्टाफ जनरल विपिन रावत की जयंती पर कांग्रेस के पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कहा कि देश सेवा में दिए गए विपिन रावत के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। कहा कि विपिन रावत के जीवन से युवाओं को प्रेरणा लेनी चाहिए।
आयोजित कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों ने जनरल विपिन रावत के योगदान को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि जनरल विपिन रावत रावत का जन्म 16 मार्च 1958 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जनपद के सैंण गांव में हुआ था, वे एक सैन्य परिवार से संबध रखते थे। उनके पिता लेफ्टिनेंट जनरल लक्ष्मण सिंह रावत भी भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी रहे। कहा कि जनरल विपिन रावत ने देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) से प्रशिक्षण प्राप्त कर भारतीय सेना में सेवा प्रारंभ की और अपने उत्कृष्ट नेतृत्व व साहस के बल पर सेना के सर्वोच्च पदों तक पहुंचे। वर्ष 2016 में उन्हें भारतीय थल सेना का प्रमुख (चीफ आफ आर्मी स्टाफ) नियुक्त किया गया और वर्ष 2019 में भारत सरकार ने उन्हें देश का पहला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ नियुक्त किया। इस पद पर रहते हुए उन्होंने थल, जल और वायु सेना के बीच समन्वय स्थापित कर देश की रक्षा प्रणाली को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए। उनकी धर्मपत्नी मधुलिका रावत के योगदान भी याद करते हुए कहा कि वे समाज सेवा के कार्यो में सक्रिय रही, खासकर सेना के परिवारों के कल्याण से जुड़े कार्यों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस मौके पर प्रवीन रावत, गणेश नेगी, साबर सिंह नेगी, देवेंद्र सिंह नेगी, हेमचंद पंवार, चंद्रमोहन रावत, कृपाल सिंह नेगी, राजीव कपूर, अनिल वर्मा, मदन सिंह नेगी, विनोद नेगी मौजूद रहे।