ऋषिकेश(। रानीपोखरी के लिस्ट्राबाद में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (एनएलयू) की स्थापना को लेकर पिछले 38 दिनों से चल रहा आंदोलन बुधवार को अचानक उग्र हो गया। जमीन की नाप-जोख के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आंदोलनरत ग्रामीणों के साथ मिलकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस पर पुलिस कांग्रेसियों को पकड़कर रायवाला ले गई। बाद में हिरासत में लिए गए कांग्रेसियों को छोड़ दिया। लिस्ट्राबाद में प्रस्तावित लॉ विवि की भूमि को लेकर लंबे समय से ग्रामीण धरना दे रहे हैं। बुधवार को धरना स्थल पर पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों का समर्थन करते हुए विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया। इसी दौरान मौके पर पहुंचे विधायक बृजभूषण गैरोला और कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल और ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ऋषिकेश योगेश मेहरा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को वहां से हटाने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेसियों के बीच झड़प भी हुई। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल, आंदोलनकारी राजेश्वरी देवी, अश्वनी बहुगुणा समेत कई लोगों को हिरासत में लेकर रायवाला थाना पहुंचाया। हालांकि, कुछ घंटे बाद सभी को रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रायवाला थाने के बाहर प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने आरोप लगाया कि सरकार जनता विरोधी नीतियों को बढ़ावा दे रही है और चयनित भूमि पर ही कॉलेज बनाया जाना चाहिए। ब्लॉक अध्यक्ष गौरव चौधरी ने कहा कि रानीपोखरी क्षेत्र की इस भूमि पर लॉ कॉलेज की मांग को लेकर ग्रामीण शांतिपूर्ण धरना दे रहे थे, लेकिन पुलिस ने कथित तौर पर दबाव में आकर उन्हें हटाने का प्रयास किया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। मौके पर कांग्रेस नेता सागर मनवाल, ब्लॉक अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, ग्राम प्रधान अनूप सिंह, नितिन चौहान, धीरज मणि तिवारी और शार्दुल नेगी सहित कई लोग मौजूद रहे।