रुद्रपुर()। बेमौसमी धान की पौध को प्रशासन द्वारा नष्ट किए जाने से नाराज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुधवार को तहसील गेट पर सांकेतिक धरना दिया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर एसडीएम रविंद्र जुवांठा के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजा। बुधवार को सितारगंज और शक्तिफार्म क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ता तहसील गेट पर पहुंचे और धरना दिया। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार किसानों का उत्पीड़न कर रही है और उन्हें अपने ही खेतों में खेती करने से रोका जा रहा है। किसानों की धान की पौध नष्ट कर उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया है। कहा कि शक्तिफार्म क्षेत्र के कई गांवों में जलभराव की समस्या बनी रहती है। इन क्षेत्रों में सरसों की फसल खड़ी है, लेकिन गेहूं की फसल नहीं हो पाती। ऐसे में किसान गर्मियों में ‘चैनी धान’ की खेती करते हैं, जिसके लिए उन्होंने पौध तैयार की थी। आरोप लगाया कि दबाव में राजस्व टीम और अन्य विभाग पौध को नष्ट कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जलभराव के कारण यहां दूसरी फसल उगाना संभव नहीं है। पानी की बर्बादी करने वाले संस्थानों को चिह्नित किया जाना चाहिए, लेकिन इसके बजाय किसानों का शोषण किया जा रहा है। चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने किसानों को धान लगाने की अनुमति नहीं दी तो अनिश्चितकालीन धरना देने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। धरना देने वालों में शक्तिफार्म कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष उत्तम आचार्य, प्रदेश सचिव नवतेज पाल सिंह, नगर अध्यक्ष सरताज अहमद, मंडी के पूर्व चेयरमैन हरपाल सिंह, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष करण जंग, पूर्व पालिकाध्यक्ष हरीश दुबे, भवतोष आचार्य, भाकियू चढूनी के प्रदेश अध्यक्ष गुरसेवक सिंह मोहार, पूर्व दर्जाधारी बलवंत सिंह बोरा, विभूति प्रसाद, सरस्वती बाला, सपना ओझा, श्रीकांत मिस्त्री, मनदीप सिंह, आजम मलिक और सत्येंद्र सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।