रुद्रपुर। शहर के रजिस्ट्रार कार्यालय में अव्यवस्थाओं के चलते उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मार्च का अंतिम सप्ताह होने के कारण रजिस्ट्री कराने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है, लेकिन कार्यालय में स्टाफ की कमी और धीमी प्रक्रिया के कारण उपभोक्ताओं की फजीहत हो रही है। रजिस्ट्रार कार्यालय में प्रतिदिन 125 से 150 फाइलों का रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है, लेकिन अव्यवस्थाओं के कारण मात्र 80 से 100 फाइलों की ही रजिस्ट्री हो पा रही है। शेष फाइलों को लंबित रख दिया जाता है, जिससे उपभोक्ताओं को बार-बार चक्कर काटने पड़ रहे हैं। कार्यालय में केवल दो बाबुओं के सहारे कामकाज चल रहा है, जिससे काम की गति बेहद धीमी हो गई है। पहले भी इस कार्यालय के रजिस्ट्रार अविनाश कुमार पर अनियमितताओं के आरोप लग चुके हैं, जिससे कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। इसके बाद रजिस्ट्रार अविनाश कुमार को हटाकर हल्द्वानी की सब रजिस्ट्रार मंजू पांडे को यहां की जिम्मेदारी सौंपी गई है। रजिस्ट्रार मंजू पांडे भी कार्यालय में मौजूद नहीं है। जबकि रजिस्ट्री का कार्य रजिस्ट्रार की मौजूदगी में होना चाहिए। रजिस्ट्री न होने के कारण कई उपभोक्ता पिछले दो-तीन दिनों से कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। कुछ उपभोक्ता अपने जरूरी दस्तावेजों के सत्यापन के लिए परेशान हैं, तो कुछ को अंतिम तिथि नजदीक होने की वजह से चिंता सता रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि रजिस्ट्रार कार्यालय की इस अव्यवस्था को देखते हुए प्रशासन को जल्द से जल्द कदम उठाने की जरूरत है। स्टाफ की कमी को दूर किए बिना उपभोक्ताओं की समस्या का समाधान संभव नहीं है। यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उपभोक्ताओं का आक्रोश बढ़ सकता है।