जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : उत्तराखंड क्रांति दल ने शिब्बू नगर स्थित कार्यालय में उत्तराखंड राज्य आंदोलन के प्रेरक एवं उत्तराखंड के गांधी स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी की 100 वीं जयंती मनाई। इस मौके पर यूकेडी के वरिष्ठ नेता महेंद्र सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी के योगदान का कोई सम्मान नहीं करती। उनके जन्मदिवस को संस्कृति दिवस के रूप में मनाने का निर्णय हुआ था, परन्तु सम्मान व संस्कृति दिवस नियमानुसार मनाया नहीं जाता। उन्होंने कहा कि इंद्रमणि बडोनी के योगदान को स्कूल, कालेजों के सिलेबस में शामिल किया जाय।
इस अवसर पर स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी का सपना: उत्तराखंड के समग्र विकास हेतु यूकेडी की सत्ता ही विकल्प विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यकूडी के संरक्षक डॉ. शक्तिशैल कपरवाण ने स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी के राज्य निर्माण आंदोलन और संघर्ष को याद करते हुए कहा कि स्वर्गीय बडोनी बड़े दूरदर्शी नेता थे और वह अच्छी तरह जानते थे कि क्षेत्रीय पार्टी ही उत्तराखंड : पहाड़ी राज्य का विकास कर सकती है। इसीलिए उन्होंने क्षेत्रीय पार्टी उत्तराखंड क्रांति दल के गठन और विकास में अपना जीवन समर्पित कर दिया। डॉ. कपरवाण ने कहा कि बडोनी का विराट व्यक्तित्व था इसीलिए 1994 में उत्तराखंड आंदोलन के दौरान बीबीसी लंदन और वाशिंगटन पोस्ट जैसे समाचार पत्रों ने बडोनी के आंदोलन की सराहना की थी। डॉ. कपरवाण ने कहा कि स्व. बडोनी का उत्तराखंड के समग्र विकास का जो सपना था उसे राज्य सरकारों ने मिट्टी में मिला दिया। कहा कि उत्तराखंड क्रांति दल स्व. बडोनी के सपनों को साकार करने के लिए संघर्ष करता रहेगा। इस अवसर पर सत्य प्रकाश भारद्वाज, प्रवेश चन्द्र नवानी, जनार्दन प्रसाद ध्यानी, भारत मोहन काला, हरीश द्विवेदी, उमेद सिंह भंडारी, पुष्कर सिंह रावत, संजय खंतवाल, विजयपाल सिंह, नरेंद्र सिंह नेगी आदि मौजूद थे।