हरिद्वार(। शांतिकुंज के अखंड दीपक शताब्दी वर्ष के तहत 20 से 24 जनवरी तक बैरागी कैंप में होने जा रहे भव्य कार्यक्रमों में आने वाले श्रद्धालुओं और लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। जिला प्रशासन का फोकस साफ है कि आस्था के इस आयोजन में अव्यवस्था की कोई जगह न हो। आमजन को सुगम, सुरक्षित और सुव्यवस्थित व्यवस्था मिले। इसी कड़ी में शुक्रवार को डीएम मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में एनआईसी सभागार में शांतिकुंज प्रबंधन और सभी विभागों के साथ समन्वय बैठक आयोजित की गई। डीएम ने दो टूक कहा कि यह आयोजन आस्था से जुड़ा है और लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है। प्रशासन का उद्देश्य है कि श्रद्धालु शांति और सुविधा के साथ इस कार्यक्रम में शामिल हों और शहर की आम दिनचर्या भी प्रभावित न हो। इस बैठक में एडीएम पीआर चौहान, एसपी ट्रैफिक/क्राइम जितेंद्र मेहरा, एचआरडीए सचिव मनीष कुमार, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, एसीएमओ डॉ. अनिल वर्मा सहित विभिन्न विभागों के अफसर और शांतिकुंज के प्रतिनिधि मौजूद रहे। ट्रैफिक से लेकर पार्किंग तक सख्त निर्देश डीएम ने एसपी-यातायात को शांतिकुंज से बैरागी कैंप तक ट्रैफिक प्लान तैयार करने के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पार्किंग स्थल पर स्पष्ट साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। नगर निगम को पार्किंग स्थल की साफ-सफाई और अतिक्रमण तत्काल हटाने के आदेश दिए गए, ताकि लोगों को पैदल और वाहन से आवागमन में दिक्कत न हो। जवाबदेही तय, नोडल अधिकारी नियुक्त इस आयोजन की समग्र निगरानी के लिए एडीएम-प्रशासन पीआर चौहान को प्रभारी नियुक्त किया गया है। प्रशासन की ओर से सिटी मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान और पुलिस विभाग की ओर से एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह को नोडल अफसर बनाया गया है, ताकि किसी भी समस्या का त्वरित समाधान हो सके। ट्रैफिक, बिजली, पानी… हर मोर्चे पर तैयारी श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सिंचाई विभाग को उनके अधीन भूमि पर अतिक्रमण शीघ्र हटाने के निर्देश दिए गए हैं। ऊर्जा निगम को बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए दो-दो जेई तैनात करने को कहा गया। अग्निशमन विभाग को फायर सेफ्टी उपकरण और दमकल वाहन की तैनाती, जबकि जल संस्थान को निरंतर पेयजल आपूर्ति और अतिरिक्त टैंकरों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए।