खतरनाक डेल्टा वेरिएंट से चिंतित हुआ अमेरिका, दो हफ्ते में दोगुना हुए मामले

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वाशिंगटन, एजेंसी। विश्व में कोविड -19 डेल्टा वेरिएंट के मामले बढ़ रहे हैं। बीते दिनों ब्रिटेन ने देश में कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर चिंता जताई थी। वहां कोविड-19 के मामलों में एक बार फिर से उछाल आया है। अब अमेरिका ने भी कोविड -19 डेल्टा वेरिएंट को कोरोना संक्रमण का प्रमुख स्रोत बनने की आशंका जताई है। साथ ही कहा है कि, अगर परिस्थिति काबू में नहीं आई तो सितंबर तक ये नए प्रकोप का कारण बन सकता है।
यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के स्कट गोटलिब के मुताबिक, अभी अमेरिका में लगभग 10 प्रतिशत संक्रमण है। लेकिन ये हर दो हफ्तों में दोगुना हो रहा है। इसका मतलब यह नहीं है कि हम एकाएक संक्रमण में तेज वृद्घि देखेंगे। लेकिन ये सच है की ये कभी न कभी हम पर हावी हो जाएगा। जो की एक नए तरह के संकट को पैदा कर देगा। ऐसी परिस्थिति में अमेरिका के उन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा होगा। जिन्होंने अभी तक वैक्सीन नहीं लगवाई है।
डेली मेल में छपी एक रिपोर्ट के आंकड़ों के मुताबिक, कोविड-19 का डेल्टा वेरिएंट एक हफ्ते में ही अमेरिका के लिए तनाव का कारण बन सकता है। वहीं, शोधकर्ता अलेक्जेंड्रे बोल्ज ने पिछले हफ्ते ट्वीट कर बताया कि, हमारे टेस्ट रिपोर्ट और डाटा के मुताबिक अमेरिका में आने वाले 2 हफ्तों में डेल्टा वेरिएंट संक्रमण का प्रमुख कारण हो सकता है। अभी देश में डेल्टा वेरिएंट संक्रमण के 10 प्रतिशत मामले सामने आ रहे हैं। जो पिछले महीने मात्र एक प्रतिशत थे।
कोरोना का डेल्टा वेरिएंट (बी16172) पहली बार भारत में पाया गया था और ये कोविड के तीन वेरिएंट में से एक है। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा पिछले महीने इसे वैश्विक चिंता का विषय घोषित किया गया था। पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड के मुताबिक, डेल्टा वेरिएंट ब्रिटेन में मिले अल्फा स्ट्रेन की तुलना में 60 प्रतिशत ज्यादा संक्रमण फैलाता है। साथ ही ये कुछ हद तक वैक्सीन के प्रभाव को भी कम करता है। हालांकि, गोटलिब ने कहा कि अमेरिका में इस्तेमाल के लिए स्वीत की गई कोविड -19 वैक्सीन डेल्टा वेरिएंट पर प्रभावी दिख रही है। लेकिन इसके लिए सार्वजनिक टीकाकरण अभियान पर जोर देने की जरूरत है।

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