ऋषिकेश। मौसम में बदलाव ने ऋषिकेश के लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बुखार के साथ खांसी-जुकाम के मरीजों की संख्या सरकारी अस्पताल में रोजाना बढ़ रही है, जिसके चलते चिकित्सक लोगों को सेहत के प्रति सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं। चिकित्सक क्षेत्र में इस तरह के बढ़ते मरीजों का एक कारण कंस्ट्रक्शन का अत्याधिक होना भी बता रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से दिन-रात के तामपान में काफी अंतर दर्ज किया है। दिन में चटख धूप के साथ ही गर्म कपड़ों में लोगों को पसीना महसूस हो रहा है, जिसमें वह फौरन गर्म कपड़ों को उतार रहे हैं। सेहत बिगड़ने की शुरूआत यहीं से हो रही है। मंगलवार को सरकारी अस्पताल में बुखार, जुकाम, खांसी और इससे बदन दर्द की शिकायत लेकर ओपीडी में सौ से ज्यादा मरीज पहुंचे। फिजिशियन डॉ. अमित रौतेला के मुताबिक अन्य दिनों में इस तरह के मर्ज ग्रसित लोगों की संख्या महज 10-15 ही रहती है, मगर मौसम बदलने के साथ ही बुखार, खांसी-जुकाम के मरीजों की संख्या में भी तेजी वृद्धि हुई है। इनमें बच्चे भी शामिल हैं।
डॉ. अमित ने बताया कि अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को न सिर्फ दवा और परामर्श दिया है, बल्कि उन्हें सेहत को ठीक रखने के लिए आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह भी दी जा रही है। बताया कि लोगों को सामाजिक दूरी, मास्क का उपयोग और ठंडे पेय और खाद्य पदार्थों से फिललहाल परहेज करना चाहिए। मालूम हो कि, सरकारी अस्पताल की ओपीडी इन दिनों 40 तक पहुंच रही है, जबकि, अन्य दिनों में यह 250 से 300 रहती है।