जयन्त प्रतिनिधि।
थलीसैंण : राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय थलीसैंण में देवभूमि उद्यमिता योजना के अन्तर्गत एक दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि जीवन को सफल बनाने और मंजिल को पाने के लिए आत्मसंयम जरूर बनाए रखें। जीवन में कई तरह की कठिनाइयां व संकट आते हैं, मगर उन्हें देखकर घबराना नहीं चाहिए। आत्मसंयम हमें कठिनाइयों से सबक लेना सिखाता है। जिनके बल पर ही हम आगे बढ़ते हुए विवेक की लौ जलाकर सफलता की इबारत लिखते हैं।
कार्यक्रम में उद्यमिता विकास संस्थान अहमदाबाद से नियुक्त रिसार्से पर्सन के रूप में दिलीप सिंह कुशवाह, प्रोग्राम ऑफिसर ने उद्यम, उद्यमिता व उद्यमी के विषय में विस्तार पूर्वक जानकारी दी। भारत और विश्व के कुछ सफल उद्यमियों के उदहारण प्रस्तुत किए। वर्तमान में पर्वतीय क्षेत्र में नये स्टार्टअप की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम में एक अभिरूचि टेस्ट भी संपन्न करवाया गया, जिसके आधार पर बूट-कैंप के लिए छात्र-छात्राओं का चयन करवाया जाएगा। बूट कैंप संपन्न करने वाले छात्र-छात्राओं में से छ: दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम के लिए चयन होगा। तीन दिवसीय ईडीपी पूर्ण करने वालें छात्रों में से चयनित छात्र-छात्राओं को एक लाख रुपये की धनराशि शीड फण्ड के रूप में प्रदान की जाएगी। इस मौके पर प्राचार्य डॉ. योगेन्द्र चन्द्र सिंह ने बताया कि एक उद्यमी के लिए साहस, धैर्य और नवाचार का गुण महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन नोडल अधिकारी डॉ. नीरज असवाल ने किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।