जयन्त प्रतिनिधि।
पौड़ी : जनपद पौड़ी की पट्टी मनियारस्यूं साकनी बड़ी गांव जहां दिन की रामलीला पिछले 14 नवंबर से शुरू हो गई है। मंगलवार को रामलीला मंचन के पांचवें दिन सुपर्णखा नासिका छेदन और सीता हरण, जटायु मरण तक की रामलीला का मंचन किया गया। रामलीला मंचन देखने के लिए घण्डियाल, कांसखेत, बनेख, देवल, गौरण, सैण, नैथाणा, साकनी छोटी, आसूई नौगांव आदि गांवों से भारी संख्या में दर्शक पहुंचे।
रामलीला मंचन का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सविता देवी ने द्वीप प्रज्जवलित कर किया। उन्होंने साकनी बड़ी रामलीला समिति का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रामलीला का विशेष महत्व यह है कि यहां रामलीला शुभारंभ होने से पहले भगवान राम की अखंड जोत की स्थापना की जाती हैं। यह जोत लगातार आठ दिन तक जलती है। रामलीला मंचन के लिए अधिकतर साकनी बड़ी के प्रवासी युवा अन्य प्रांतों से गांव आते है। रामलीला मंचन 47वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। धार्मिक आयोजन गांव का आपसी भाईचारा और पौराणिक संस्कृति जीवित रखने का माध्यम भी हैं। इस अवसर पर ग्राम पंचायत प्रधान श्रीमती अर्चना पंवार ने सभी अतिथियों का स्वागत कर आभार व्यक्त किया।
बुजुर्ग कलाकार बढ़ा रहे युवा कलाकारों का हौंसला
रामलीला के मंचन के साथ-साथ गांव का विकास पर भी चर्चा स्वाभाविक है। पुराने वयोवृद्ध कलाकर आज भी नए युवा कलाकारों को हौंसला बढ़ाने और मार्गदर्शन की भूमिका में हमेशा मंच और मेकअप कक्ष में निर्देशित करते रहते है। बुजुर्ग कलाकार आज भी अपने अभिनय को याद करते हुए नव युवकों में अपने अभिनय को तलाशते हैं। बुजुर्ग कलाकार कृष्ण कुमार, प्रताप सिंह रावत, बीरेंद्र सिंह पंवार, हरि सिंह नेगी, नेत्र सिंह, आनंद सिंह पटवाल, नरेंद्र सिंह पंवार, देवेंद्र सिंह आदि कलाकार सहयोग करते रहते है।