अल्मोड़ा। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज और संस्कृति मंत्रालय के तत्वावधान में रैमजे इंटर कॉलेज में आयोजित दर्शन उत्सव 2026 के दूसरे दिन विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को आकर्षित किया। कार्यक्रम का आयोजन घुश्मेश्वर महिला समिति धारानौला के सौजन्य से किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत उत्तराखंड की छपेली और झुमैला नृत्य से हुई, जिसमें लोकसंस्कृति की झलक देखने को मिली। पारंपरिक वेशभूषा और तालमेल ने दर्शकों को प्रभावित किया और वातावरण उत्सवमय बना दिया। इसके बाद दिल्ली की टीम ने नृत्य नाटिका प्रस्तुत की, जो कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही। ‘ॐ नमः शिवाय’, ‘धारा होगी’ और ‘ओ रंगरेज’ जैसे विषयों पर आधारित प्रस्तुतियों में अध्यात्म और आधुनिकता का समन्वय देखने को मिला। हरियाणा की टीम ने फाग और पनिहारी नृत्य के माध्यम से ग्रामीण जीवन को प्रस्तुत किया, जबकि असम की टीम ने बिहू नृत्य से अपनी सांस्कृतिक परंपरा की झलक दिखाई। कार्यक्रम में लोकगायक राकेश खानवाल की प्रस्तुति ने माहौल को संगीतमय बना दिया, जिनके गीतों पर दर्शक झूम उठे। इस अवसर पर मुख्य अतिथि रघुनाथ सिंह चौहान, रवि रौतेला, विशिष्ट अतिथियों में तारा चंद्र जोशी, लता पांडे, विनीत बिष्ट, देवेंद्र भट्ट और वैभव पांडे सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। अतिथियों ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बताया और कहा कि ऐसे आयोजन सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।