नई टिहरी : टिहरी बांध प्रभावित सौड़ उप्पू के ग्रामीणों ने लंबे समय बाद भी पुनर्वास की मांग पूरी न होने पर रोष व्यक्त किया। कहा कि टिहरी बांध की झील के कारण उनके घरों को खतरा बना हुआ है। लेकिन लंबे समय से मांग करने के बाद भी उनके भवनों को मूल्यांकन तक नहीं हुआ है। बांध प्रभावित ग्रामीणों ने भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री राजेंद्र जुयाल के नेतृत्व में पुनर्वास निदेशक से मुलाकात कर समस्याएं बताई। उन्होंने डीएम को दिए ज्ञापन में बताया कि झील के कारण गांव के 30-35 परिवारों को खतरा बना हुआ है। झील का पानी घरों के नजदीक आने के कारण घरों में दरारें पड़ गई है। जिससे ग्रामीण खतरे की जद में रहने को मजबूर है। साथ ही झील से घरों में सांप, बिच्छू से लेकर अन्य जहरीले जीव-जंतु भी घुस आते हैं। बताया कि पुनर्वास निदेशालय ने तल्ला उप्पू को जमीन के बदले जमीन दी गई। सिल्ला उप्पू के भवनों का मूल्यांकन कर उन्हें प्रतिकर भुगतान भी कर दिया गया। बावजूद सौड़ उप्पू के पुनर्वास को अभी तक कोई भी कार्यवाही नहीं की गई। जबकि सभी गांव की एक जैसी समस्या थी। उन्होंने पुनर्वास निदेशक से सौड़ उप्पू के प्रभावितों के घर और जमीन का मूल्यांकन कर भूमि और प्रतिकर देने की मांग की। पुनर्वास निदेशक ने प्रभावितों को आवश्यक कार्यवाही का भरोसा दिया। (एजेंसी)