उत्तरकाशी()। धरासू के समीप गंगोत्री हाईवे पर बीते वर्ष मानसून सीजन में करोड़ों की लागत से बनाई गई दीवार क्षतिग्रस्त हो गई थी। यह दीवार निर्माण के बाद पहली बरसात भी नहीं झेल पाई थी। वहीं, अब मानसून सीजन के सात माह बाद भी बीआरओ की ओर से इसका निर्माण शुरू नहीं किया गया है। इससे आगामी बरसात में एक बार फिर मुसीबत बनेगी। साथ ही गमरी क्षेत्र की सड़क के लिए भी यह खतरा बनी हुई है। धरासू के समीप करीब डेढ़ वर्ष पूर्व गंगोत्री हाईवे का बड़ा हिस्सा भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त हो गया था। उसके बाद बीआरओ की ओर से गत वर्ष वहां पर करोड़ों की दीवार का निर्माण कर हाईवे को चौड़ा किया गया लेकिन वह पहली बरसात ही नहीं झेल पाया और बीते अगस्त माह की बरसात में क्षतिग्रस्त हो गया। इससे उसके नीचे से जाने वाली चिन्यालीसौड़ विकासखंड के गमरी क्षेत्र की सड़क पर भी आवाजाही में खतरा बना हुआ है। साथ ही गंगोत्री हाईवे पर भी आवाजाही में खतरा बना हुआ है लेकिन बीआरओ की ओर से अभी तक क्षतिग्रस्त दीवार के मरम्मतीकरण के लिए कार्य शुरू नहीं किया है। इस कारण यह आगामी चारधाम यात्रा में भी मुसीबत बन सकता है। साथ ही बरसात में इसके कारण आवाजाही में परेशानी हो सकती है। बीआरओ कमांडर राजकिशोर ने कहा कि गंगोत्री हाईवे पर चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्य 260 करोड़ लागत से किमी 110 से 142 किमी एबीसीआई कंपनी के अनुबंध में था। एबीसीआई कंपनी को दीवार निर्माण कार्य शुरू करने के लिए नोटिस भेजा गया है।