नई टिहरी()। रत्नोगाड, नकोटखोली में क्षतिग्रस्त चंबा-धरासू हाईवे की नहीं हो पाई मरम्मत। बीते सितंबर में भूस्खलन से हाईवे क्षतिग्रस्त हो गया था। सड़क के पुश्ते टूटे हुए है। जिससे हाईवे संकरा बना हुआ है। वाहनों का आवागमन मुश्किल से हो रहा है। हाईवे पर गिरा मलबा भी पूरी तरह से साफ न होने से इन दिनों धूल मिट्टी उड़ रही है। धूल मिट्टी उड़ने से हाईवे पर सफर करने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। चंबा -धरासू हाईवे टिहरी और उत्तरकाशी जिले की लाइफ लाइन है। स्थानीय लोगों के अलावा चारधाम यात्रा के दौरान गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के लिए अधिकांश तीर्थयात्री इसी मार्ग से होकर जाते हैं। यात्रा शुरू होने में अब महज एक माह का वक्त शेष रह गया है लेकिन हाईवे की व्यवस्था चाक-चौबंद नहीं हो पाई। सबसे खराब स्थिति रत्नोगाड, नकोटखोली में बनी हुई है। बीते सितंबर माह में उक्त दोनों स्थानों पर भूस्खलन से हाईवे क्षतिग्स्त हो गया था। सड़क के पुश्ते टूटे हुए है। जिससे हाईवे संकरा बना हुआ है। क्षतिग्रस्त हिस्से में रत्नोगाड, नकोटखोली में दो वाहन आसानी से आरपार नहीं हो पा रहे है। मलबा डंप होने से धूल मिट्टी उड़ रही है। ब्लॉक प्रमुख सुरेंद्र भंडारी, जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह रांगड, सुनील जुयाल, पूर्व प्रधान मोहन डोभाल, बीडीसी सदस्य दिनेश दास का कहना है कि पूर्व में उन्होंने डीएम को ज्ञापन सौंपकर हाईवे से मलबा हटाने की मांग की थी लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हो पाया है। उन्होंने चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले हाईवे को पूरी तरह से चाक-चौबंद करने की मांग की है।
चंबा-धरासू हाईवे पर मरम्मत कार्य चल रहा है। जहां-जहा भी मलबा गिरा हुआ है उसे जल्द हटाया जाएगा। चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले हाईवे पर कुछ स्थानों पर हाटमिक्स भी किया जाना है। -सुशील गढ़ाकोटी, सहायक अभियंता बीआर