अयोध्या ,प्रभु रामलला के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में विराजमान होने के प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह के द्वितीय वार्षिकोत्सव के अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ अयोध्या धाम पहुंचे। इस पावन अवसर पर उन्होंने सर्वप्रथम हनुमानगढ़ी में हनुमान जी का दर्शन–पूजन किया, इसके बाद श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पहुंचकर प्रभु रामलला के दर्शन किए। मंत्रोच्चार के बीच श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर स्थित मां अन्नपूर्णा मंदिर के शिखर पर धर्मध्वजा की स्थापना भी की गई।इस अवसर पर रक्षा मंत्री ने भावुक शब्दों में कहा कि “नाथ आजु मैं कहा न पावा”, ऐसा प्रतीत होता है कि जीवन में जो कुछ पाना था, वह सब मिल गया। उन्होंने कहा कि यह उनके जीवन का अत्यंत सौभाग्यशाली दिन है और प्रभु राम की कृपा से उन्हें यह अवसर प्राप्त हुआ है।रक्षा मंत्री ने कहा कि आज अयोध्या की हर गली, हर चौराहा ही नहीं, बल्कि संपूर्ण भारतवर्ष राममय हो गया है। दो वर्ष पूर्व प्रभु राम की पुनर्प्रतिष्ठा समस्त देशवासियों के लिए गौरव का ऐतिहासिक क्षण थी। प्रभु राम की कीर्ति आज केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में फैल रही है। कनक भवन, दशरथ महल, हनुमानगढ़ी और मां सरयू की गोद में बसी अयोध्या अलौकिक आभा से जगमगा रही है। यह दिव्यता केवल अयोध्या तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे अवध और देश में दिखाई दे रही है।उन्होंने कहा कि यह वही भूमि है जिसने प्रभु राम के लिए सदियों तक त्याग और पीड़ा सहन की, लेकिन आस्था को कभी कमजोर नहीं पड़ने दिया। अयोध्या में प्रभु राम की प्राण प्रतिष्ठा भारत की आध्यात्मिक शक्ति की प्राण प्रतिष्ठा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी स्वयं को सौभाग्यशाली माने कि उसने यह ऐतिहासिक क्षण अपनी आंखों से देखा।राम मंदिर आंदोलन का उल्लेख करते हुए रक्षा मंत्री ने इसे विश्व का सबसे महान और अद्वितीय आंदोलन बताया। उन्होंने कहा कि लगभग पांच सौ वर्षों तक चला यह अहिंसक संघर्ष इतिहास में अपनी मिसाल आप है। यह आंदोलन केवल भारत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन सभी लोगों की आस्था से जुड़ा रहा जो प्रभु राम को मानते हैं।उन्होंने कहा कि अयोध्या में केवल मंदिर निर्माण ही नहीं हुआ है, बल्कि हवाई अड्डा, रेल, सड़क, उद्योग और व्यापार के क्षेत्र में भी तेजी से विकास हो रहा है। यह विकास यात्रा पूरे अवध क्षेत्र और देश के कोने–कोने तक पहुंच रही है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना की।अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर का भी उल्लेख किया और कहा कि जिस प्रकार प्रभु राम ने मर्यादा और संयम की शिक्षा दी, उसी प्रकार भारतीय सेना ने भी मर्यादित और उद्देश्यपूर्ण कार्रवाई करते हुए आतंकियों को उनके ठिकानों में जाकर करारा संदेश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह अयोध्या में प्रभु राम का भव्य मंदिर स्थापित हुआ है, उसी तरह पुनौराधाम में मां जानकी की जन्मस्थली पर भी भव्य मंदिर का निर्माण हो रहा है।समापन पर उन्होंने प्रार्थना की कि सनातन आस्था की धर्मध्वजा सदैव लहराती रहे और प्रभु राम देशवासियों को कर्तव्य और मर्यादा के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते रहें।