रुद्रपुर()। मंडी समिति सभागार में सोमवार को आयोजित किसानों की बैठक में आगामी गेहूं खरीद बहुद्देश्यीय किसान सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से कराने की मांग उठाई गई। किसानों ने कच्चे आढ़तियों के माध्यम से धान खरीद की व्यवस्था समाप्त करने पर जोर दिया। बैठक में किसानों ने धान खरीद नीति पर रोष व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि कच्चे आढ़तियों के जरिए खरीद से किसानों का शोषण हुआ है। उन्होंने मांग की कि कच्ची आढ़त व्यवस्था को तत्काल समाप्त कर प्रत्येक ग्राम सभा के अनुसार खरीद केंद्र स्थापित किए जाएं और पारदर्शी तरीके से धान खरीद सुनिश्चित की जाए। किसानों ने गन्ना भुगतान शीघ्र कराने और भुगतान में देरी करने वाले बैंकों का अनुबंध समाप्त करने की भी मांग की। साथ ही गन्ने की खरीद समितियों के माध्यम से कराने की बात कही। जिन किसानों के पट्टे निरस्त किए गए हैं, उन्हें बहाल कर स्वामित्व अधिकार देने और कब्जे की भूमि पर बसे लोगों को भूमिधरी अधिकार देने की मांग भी उठाई गई। बैठक में अमेरिका और भारत के बीच संभावित व्यापारिक समझौते को किसानों के लिए नुकसानदायक बताया गया। किसानों का कहना था कि यदि विदेशी बाजार के लिए दरवाजे खोले गए तो राज्य के किसान और फल उत्पादक प्रभावित होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर बड़ा जनांदोलन किया जाएगा। यहां अखिल भारतीय किसान सभा जिलाध्यक्ष गुरनाम सिंह, मनसुखी सिंह, जगदेव सिंह, राजेनद्र सिंह, अनिरुद्ध राय, परितोष, शिवशंकर, अनिल हाल्दर, रवेती रणजीत, लखविंदर, सतनाम सिंह, नत्थूलाल यादव, पुनीत कुमार, जोगेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।