श्रीनगर गढ़वाल : देवप्रयाग क्षेत्र के पूर्व विधायक एवं राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे, राज्य आंदोलनकारी स्व. दिवाकर भट्ट को विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों एवं आम जनमानस ने कीर्तिनगर रामलीला मैदान और भल्लेगांव में श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान स्व. भट्ट की राज्य के प्रति धारणा को लेकर सामाजिक लोगों ने अपने अनुभव साझा किये। देवप्रयाग जन अधिकार मोर्चा के संस्थापक गणेश भट्ट ने राज्य सरकार और क्षेत्रीय विधायक से मलेथा तिराहे पर स्व. दिवाकर भट्ट की प्रतिमा स्थापित कर नाम दिवाकर चौक रखे जाने की मांग की। कहा कि एक माह के भीतर स्व. भट्ट की मूर्ति स्थापित नहीं की जाती है तो वे अपने खर्चे पर मलेथा या कीर्तिनगर में स्वयं मूर्ति स्थापित करेंगें। मूल निवास भू-कानून समिति के संयोजक अरुण नेगी, जसपाल, महावीर आदि ने कहा कि दिवाकर भट्ट अंतिम लड़ाई राज्य बचाने की लड़ना चाहते थे, जिसमें वे मूल निवास 1950, उत्तराखंड का अपना भूमि कानून, राजधानी गैरसैंण को लेकर एक अंतिम संघर्ष करना चाहते थे। उन्होंने कहा कि अब सारी जिम्मेदारी उत्तराखंड के युवाओं को अपने हाथों में लेकर दिवाकर भट्ट के सपने को पूरा करना होगा। इस मौके पर पूर्व प्रधान संजय रावत, डागर प्रधान संजय भट्ट, रमेश ममगाईं, अचल नेगी, सुन्दरमणि डबराल, विनोद चमोली, अनिरुद्ध काला, महावीर घिल्डियाल, हरेंद्र मंद्रवाल, राजा बंगवाल, परमवीर कठैत, हिमानी, मकान लाल, रघुवीर पंवार, उमा घिल्डियाल, लक्ष्मी भट्ट, महेश इस्तवाल, राम सिंह पयाल, श्रीराम रतूड़ी, सुभाष लिंगवाल, प्रवीण पंवार, सुरेन्द्र रावत आदि मौजूद थे। (एजेंसी)