जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : द लोनी अरबन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिप्ट को आपरेटिब सोसाइटी (एलयूसीसी) पीड़ितों ने कपनी में डूबी रकम वापस न दिए जाने पर आक्रोश जताया। कहा कि कंपनी के फरार मुख्य आरोपी संचालक को गिरफ्तार कर उनकी डूबी रकम को वापस दिलवाई जाए।
सोमवार को सुनीता रावत, सविता भंडारी के नेतृत्व में एलयूसीसी पीड़ित तहसील परिसर में एकत्रित हुए, जहां पर उन्होंने शासन प्रशासन व कंपनी संचालक के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। कहा कि वे विगत 196 दिनों से तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन कर रहे है, लेकिन शासन-प्रशासन की तरफ से उनके आंदोलन की अनदेखी की जा रही है। कहा कि भले ही प्रदेश सरकार मामले की सीबीआई जांच करवाए जाने की बात कर रही है, लेकिन अभी तक कंपनी के फरार मुख्य संचालक को गिरफ्तार तक नहीं किया गया है, जिसके कारण पीड़ितों का सरकार के प्रति आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है। कहा कि कंपनी के संचालक ने ही लोगों को धन दोगुना करने का लालच दिया था, जिससे झांसे में आकर लोगों ने कंपनी में निवेश किया। लेकिन एन वक्त पर कंपनी के संचालक अपने कार्यालयों में ताला लगाकर फरार हो गए, जिससे निवेशकों का करोड़ों रूपया डूब गया है। उन्होंने शासन-प्रशासन से कंपनी के फरार संचालक को तत्काल गिरफ्तार कर डूबी रकम वापस दिलवाने की मांग की है। इस मौके पर हरेंद्र रावत, नीतू, बीरेंद्र सिंह रावत, सुरेश नेगी, कुलवंत पुंडीर, राजेंद्र भंडारी, बिजेंद्र रावत मौजूद रहे।