जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग निर्माण आंदोलन 175वें दिन भी लोगों ने चिल्लरखाल बैरियर क्षेत्र में धरना दिया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि मार्ग बनने से न केवल गंभीर मरीज व घायल लोग एम्स ऋषिकेश और देहरादून समय पर पहुंच सकेंगे, बल्कि सिडकुल का पुनरुत्थान होगा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इसके लिए लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग को एलिवेटेड बनाना ही एकमात्र समाधान है। कहा कि आगामी विधानसभा सत्र में इस मार्ग के लिए बहस होनी चाहिए।
शुक्रवार को धरना स्थल पर एकत्र महिलाओं ने कहा कि 25 वर्षों से मार्ग के लिए राजनीति चल रही है। इस बार वे अब अपना हक लेकर ही रहेंगी। मार्ग के अभाव में अब क्षेत्रवासियों की जान से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने पूर्व में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने लालढांग-चिल्लरखाल मार्ग को हाईवे बनाने का वादा किया था। मुख्यमंत्री उत्तराखंड ने भी नितिन गडकरी को इस संबंध में पत्र लिखा था। इस अवसर पर लालढांग-चिल्लरखाल मार्ग को एलिवेटेड बनाने की मांग की गई। इस मौके पर पूर्व सैनिक रविंद्र सौंद, मदन नेगी, देवेंद्र सिंह रावत, कृपाल सिंह, बलबीर सिंह, गोवर्धन काला, पीतांबर कपटियाल, गोविंद काला, मोहन जोशी, कल्पना जोशी आदि मौजूद रहे।