जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की ओर से बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें परिषद ने गोल्डन कार्ड में आ रही विसंगतियों को दूर करने की मांग उठाई। कहा कि यदि जल्द समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ तो कर्मचारी आंदोलन को मजबूर होंगे।
राजकीय इंटर कालेज कोटद्वार में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि वह लंबे समय से समस्याओं के निराकरण की मांग कर रहे हैं। लेकिन, अब तक समस्या को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई गई। संगठन के प्रांतीय संयुक्त मंत्री डा. महावीर सिंह बिष्ट ने कहा कि सरकार को गोल्डन कार्ड की विसंगतियों को दूर करते हुए कैंसर, न्यूरो एवं हृदय रोग जैसी बीमारियों के इलाज हेतु मैक्स, जौलीग्रांट, सीएमआई जैसे बड़े अस्पतालों को इसमें शामिल करना चाहिए। प्रांतीय उपाध्यक्ष राकेश तिवारी ने कर्मचारियों व अधिकारियों की एसीपी की दस, सोलह व छब्बीस साल वाली पर्वतीय व्यवस्था लागू की जाए। बैठक में पदोन्नति व वेतनवृद्धि की भी मांग उठाई गई। ग्राम पंचायत विकास अधिकारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष संतन सिंह बिष्ट ने अन्य राज्यों पंजाब, राजस्थान की तरह पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली करने की बात कही। पशुपालन विभाग के मनोज जोशी ने पुलिस कर्मचारियों की भांति अन्य विभागों के कर्मचारियों को वर्दी भत्ता देने की मांग की। वक्ताओं ने आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने से पूर्व वेतन विसंगति दूर करने की भी बात कही। डिप्लोमा पशु चिकित्सा सेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष हर्षमोहन नेगी ने कहा कि अगर सरकार शीघ्र ही उनकी मांगों को पूरा नहीं करती तो परिषद ने आंदोलनात्मक रणनीति तैयार करेगा, जिसमें पूरे प्रदेश में सभी विभागों के कर्मचारियों के कार्यालयों में जाकर 15 से 31 जनवरी तक गेट मीटिंग, सात फरवरी को प्रत्येक जनपद में धरना-प्रदर्शन, 21 फरवरी को देहरादून में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। 22 फरवरी से 31 मार्च तक परिषद द्वारा प्रदेश के सभी विधायकों व मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया जाएगा। 13 मार्च को देहरादून में परेड ग्राउंड से लेकर सचिवालय तक रैली होगी। बैठक में परिषद के जिलाध्यक्ष मुकेश रावत, मनमोहन चौहान, डा. महावीर बिष्ट, हर्षमोहन नेगी, राकेश तिवारी, मनोज जोशी, राकेश तिवारी, कैलाश थपलियाल, डबल सिंह रावत, ज्योति प्रकाश मिश्रा, संतन सिंह बिष्ट आदि मौजूद रहे।