ऋषिकेश। अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर रविवार को एक बार फिर अंकिता न्याय यात्रा संघर्ष मंच ने मोर्चा खोल दिया। मंच के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर विधायक प्रेमचंद अग्रवाल के आवास का घेराव करने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने भाजपा के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम की उत्तराखंड में एंट्री बैन करने की मांग की। रविवार को संघर्ष मंच से जुड़े कार्यकर्ता ऋषिकेश के कोयलघाटी में एकत्रित हुए। जहां से जुलूस की शक्ल में वह विधायक प्रेमचंद अग्रवाल के आवास की ओर बढ़े। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने पहले ही विधायक की कॉलोनी के मुख्य गेट को बंद कर दिया था। आवास तक पहुंचने में नाकाम रहने पर प्रदर्शनकारियों ने गेट के बाहर ही प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान मंच के सदस्यों ने अपनी मांगों को दोहराते हुए भाजपा नेतृत्व और स्थानीय विधायक पर तीखे प्रहार किए। मांग की है कि भाजपा नेता दुष्यंत गौतम को उत्तराखंड राज्य में प्रवेश न करने दिया जाए। प्रदर्शनकारियों ने विधायक प्रेमचंद अग्रवाल पर भी कई तरह के गंभीर आरोप लगाए। मंच ने विधायक से इस पूरे मामले में जनता से झूठ बोलने के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। मौके पर मोहित डिमरी, संदीप भंडारी, सुरेंद्र नेगी आदि उपस्थित रहे।जनता को भ्रमित करने का प्रयास:ताजेंद्रऋषिकेश। विधायक प्रेमचंद अग्रवाल के आवास घेराव को उनके पूर्व जनसम्पर्क अधिकारी ताजेंदर नेगी ने पूरी तरह से फ्लॉप शो करार दिया है। ताजेंदर नेगी ने बयान जारी करते हुए कहा कि अंकिता न्याय संघर्ष समिति के लोग ऋषिकेश के विकास कार्यों पर ध्यान देने के बजाय जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आवास घेराव की तैयारी काफी समय से की जा रही थी, लेकिन इसके बावजूद 10 से 15 लोग भी इकट्ठा नहीं हो पाए, जिससे स्पष्ट है कि जनता इन मुद्दा विहीन बातों को समझ चुकी है। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश में हुए अभूतपूर्व विकास कार्यों को नजरअंदाज कर कुछ लोग केवल राजनीति करने में लगे हैं, लेकिन जनता ऐसे प्रयासों को सफल नहीं होने देगी।