देहरादून। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर प्रस्तावित देशव्याी हड़ताल के तहत बुधवार को विभिन्न श्रमिक और अन्य संगठनों ने गांधी पार्क से लेकर जिलाधिकारी कार्यालय तक रैली निकाली। इस दौरान श्रमिक विरोधी नीतियों का विरोध किया गया और अन्य मांगों को प्रमुखता के साथ उठाया गया। कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। दून में देशव्यापी हड़ताल का असर देखने को मिला। इसमें सीटू, इंटक, एटक के अलावा बैंक, बीमा से जुड़े कर्मचारी आशा वर्कर, आंगनवाड़ी वर्कर, भोजन माताएं, आउटसोर्स और संविदा कर्मचारियों के अलावा विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता शामिल रहे। गांधी पार्क में एकत्रित कार्यकर्ताओं, कर्मचारियों को संबोधित करते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट ने केंद्र सरकार की श्रम विरोधी नीतियों के खिलाफ एक जुट हो कर संघर्ष करने का आह्वान किया। उन्होंने चार श्रम संहिताओं को रद्द करने की मांग की। सीटू के प्रांतीय अध्यक्ष राजेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों को लागू नहीं होने देंगे। सीटू के प्रांतीय सचिव लेखराज ने कहा कि सरकार को श्रम संहिताओं को रद्द कर श्रम कानूनों को ओर अधिक प्रभावशाली बनाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने 44 में से 29 प्रभावशाली श्रम कानूनों को समाप्त कर मजदूर विरोधी चार श्रम संहिताओं को कानून के रूप में बनाया, जो पूरी तरह मालिकों के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि मजदूरों को 26 हजार न्यूनतम वेतन देने की बजाय सरकार मालिकों, पूंजीपतियों को ही पोषित करने का काम कर रही है। इंटक के प्रांतीय महासचिव पंकज क्षेत्री ने कहा कि राज्य सरकार के बारह घंटे काम करने के आदेश से इस सरकार का मजदूर विरोधी चेहरा सामने आ गया है। एटक के प्रांतीय महामंत्री अशोक शर्मा ने देशव्यापी हड़ताल को ऐतिहासिक हड़ताल कहा। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष कुमार के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा गया। इस दौरान सीटू के कृष्ण गुनियाल, मनमोहन रौतेला, धीरज कुमार, एसएस नेगी, भगवंत पयाल, रविन्द्र नौडियाल, किसान सभा के प्रांतीय अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह सजवान, गंगाधर नौटियाल, शिव प्रसाद देवली, इंटक के वीरेंद्र नेगी, हिमांशु नेगी, एटक के समर भंडारी, अनिल उनियाल, विक्टर थॉमस, चंपा देवी, जनवादी महिला समिति की प्रांतीय महामंत्री दमयंती नेगी, नूरेशा अंसारी, आंगनवाड़ी यूनियन की प्रांतीय अध्यक्ष जानकी चौहान, महामंत्री चित्रा, रजनी गुलेरिया, लक्ष्मी पंत, सुनीता रावत आदि मौजूद रहे।