लाख गुहार के बाद भी शहर को नहीं मिल रहा पार्किंग स्थल

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पार्किंग स्थल नहीं होने के कारण शहर में बिगड़ रही यातायात व्यवस्था
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : लाख दावों के बाद भी सरकारी सिस्टम शहर में पार्किंग व्यवस्था नहीं बना पा रहा है। शहर में कुछ स्थलों को चिह्रित करने के बाद भी आज तक इन्हें पार्किंग स्थल के रूप में विकसित नहीं किया गया। नतीजा, सड़कों पर बेतरतीब तरीके से खड़े वाहन जाम का मुख्य कारण बनते जा रहे हैं। सुबह से ही सड़कों पर वाहन रेंग-रेंगकर चलते हैं। जबकि, स्थानीय जनता लगातार प्रशासन, नगर निगम व जनप्रतिनिधियों के समक्ष पार्किंग व्यवस्था बनाने की मांग उठा रही है। त्योहार व शादी सीजन में स्थिति और अधिक विकराल हो जाती है।
शहर में लगातार वाहनों की संख्या बढ़ती जा रही है। ऐसे में पार्किंग स्थल नहीं होने से यातायात व्यवस्था बेपटरी होती जा रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ ही अन्य मार्गों पर बेतरतीब तरीके से खड़े वाहन जाम का मुख्य कारण बन रहे हैं। कई स्थानों पर तो आमजन का पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। शहरवासियों की शिकायत के बाद नगर निगम ने एक वर्ष पूर्व शहर में सड़क किनारे चौड़े स्थानों को पार्किंग स्थल बनाने का निर्णय लिया था। बकायदा पार्किंग स्थल के लिए चिह्रित प्रेक्षागृह के निचले तल व तहसील के बाहर राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे दीवार पर पार्किंग शुल्क भी दर्शाया गया था। इसके तहत दोपहिया वाहनों के लिए दस रुपये व चार पहिया वाहनों के लिए बीस रुपये शुल्क निर्धारित किया गया था। लेकिन, सरकारी सिस्टम की यह योजना धरातल पर कहीं भी नजर नहीं आई। वहीं, कुछ माह पूर्व नगर निगम, प्रशासन, एनएच व सिंचाई विभाग ने संयुक्त रूप से अभियान चलाते हुए झंडाचौक से बेस अस्पताल तक पार्किंग स्थलों की तलाश की। सिस्टम ने दस दिन के भीतर योजना पर कार्य करने का आश्वासन दिया था। लेकिन, यह दावा भी हवाई साबित हुआ।

दुर्घटनाओं का खतरा
शहर में पर्किंग स्थल नहीं होने के कारण वाहन सड़क पर ही खड़े रहते हैं। ऐसे में आमजन को पैदल चलने का भी रास्ता नहीं मिल पाता। नतीजा लोगों को कई बार बीच सड़क से होते हुए आवागमन करना पड़ता है। जिससे हर समय दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। यही नहीं स्टेशन रोड, पटेल मार्ग व देवी रोड में तो रेहड़ी-ठेली व दुकानदारों ने भी सड़क पर अपना कब्जा जमाया हुआ है। यदि पार्किंग स्थल मिल जाता है तो शहर में यातायात की व्यवस्था में काफी सुधार होगा।

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