बागेश्वर उद्योग मित्र बैठक में विकास का खाका—स्थानीय उत्पादों को मिलेगा मंच, गुणवत्ता पर सख्ती के संकेत

Spread the love

बागेश्वर। जनपद में औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे की अध्यक्षता में आयोजित उद्योग मित्र बैठक न केवल संवाद का मंच बनी, बल्कि भविष्य की ठोस रणनीतियों का संकेत भी दे गई। बैठक में जिले के उद्यमियों, शिल्पकारों एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ व्यापक विचार-विमर्श करते हुए स्थानीय उत्पादन, विपणन और गुणवत्ता सुधार को केंद्र में रखा गया।
जिलाधिकारी ने हस्तशिल्प, मसाले, ऊनी उत्पाद जैसे स्थानीय उत्पादों का अवलोकन करते हुए स्पष्ट किया कि इन उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने सिंगल विंडो क्लीयरेंस प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने, निजी औद्योगिक पार्कों की स्थापना तथा फूड प्रोसेसिंग इकाइयों के लिए भूमि उपलब्धता जैसे अहम मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा की।
बैठक की सबसे महत्वपूर्ण दिशा-निर्देशों में प्रशिक्षित पर्यटक गाइडों का एक सुदृढ़ डेटाबेस तैयार करना शामिल रहा। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं की सूची तत्काल उपलब्ध कराई जाए तथा प्रशिक्षण की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित विभागों से व्यय की वसूली सुनिश्चित की जाएगी। यह निर्णय प्रशासन की जवाबदेही और गुणवत्ता के प्रति सख्त रुख को दर्शाता है।
महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र कविता भगत ने अवगत कराया कि पूर्व उद्योग मित्र बैठकों में प्राप्त अधिकांश समस्याओं का समाधान किया जा चुका है तथा शेष मामलों पर निरंतर कार्यवाही जारी है। उन्होंने बताया कि सिंगल विंडो क्लीयरेंस प्रणाली के माध्यम से उद्यमियों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रयास निरंतर प्रगति पर हैं।
जिलाधिकारी ने यह भी आश्वस्त किया कि जिले के उद्यमियों द्वारा निर्मित उत्पादों को सरकारी खरीद प्रक्रियाओं में प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही सभी उद्यमियों एवं उनके उत्पादों की एक विस्तृत कैटलॉग पुस्तिका तैयार करने के निर्देश दिए गए, जिससे स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके।
बैठक के दौरान वर्ष 2025-26 के लिए हथकरघा, हस्तशिल्प एवं लघु उद्योग श्रेणियों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कारीगरों के चयन की प्रक्रिया भी संपन्न हुई। हथकरघा श्रेणी में मीरा पांचपाल ने प्रथम एवं श्रीमती कलावती देवी ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। हस्तशिल्प श्रेणी में बसंतलाल प्रथम तथा प्रेमा परिहार द्वितीय स्थान पर रहीं। वहीं लघु उद्योग श्रेणी में सूरज प्रकाश सिंह ने प्रथम और हरि कम्र्याल ने द्वितीय स्थान हासिल कर जिले का मान बढ़ाया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी, उद्योग विभाग के अधिकारी, होटल एसोसिएशन के प्रतिनिधि शिरीष कपूर सहित अनेक उद्यमी एवं शिल्पकार उपस्थित रहे। यह बैठक न केवल समस्याओं के समाधान का मंच बनी, बल्कि जिले के औद्योगिक भविष्य की मजबूत आधारशिला भी रख गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *