परमार्थ निकेतन में देश-दुनिया के साधकों ने लिया आयुर्वेद का ज्ञान

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ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव के चौथे दिन साधकों ने आयुर्वेद का ज्ञान लिया। स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि आयुर्वेद स्वास्थ्य का मार्गदर्शन करता है। यज्ञ में विश्व शांति और सामंजस्य की प्रार्थना की गई। साधकों ने विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास किया और गंगा आरती के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद लिया। देश-दुनिया के साधकों ने लिया आयुर्वेद का ज्ञान: परमार्थ निकेतन में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में चौथे दिन गुरुवार को साधकों ने भारत की प्राचीन विधा आयुर्वेद का ज्ञान लिया। स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि आयुर्वेद सनातन संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। यह प्राचीन विधा आज भी करोड़ों लोगों को स्वस्थ जीवन की राह दिखा रही है। महोत्सव के दौरान गुरुवार को ‘विजडम टॉक्स आध्यात्मिक संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें आयुर्वेद समग्रता का संतुलन, समन्वय और योगिक जीवन के माध्यम से स्वास्थ्य विषय पर विशेषज्ञों ने जानकारी प्रदान की। सत्र में विशेषज्ञ डॉ. रामकुमार, डॉ. कृष्णा पंकज नारम और मारिया अलेजांद्रा अवचारियन ने विचार साझा किए। साधकों को बताया कि आयुर्वेद कैसे प्रकृति के साथ सामंजस्य में जीवन जीने और शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक कल्याण को विकसित करने का एक कालातीत दर्शन है। डॉ. साध्वी भगवती सरस्वती ने कहा कि वर्तमान समय में पूरे विश्व को योग और आयुर्वेद की सर्वाधिक जरूरत है। इस समय जब पूरा विश्व तनाव, असंतुलित जीवनशैली और बढ़ती बीमारियों की चुनौती से जूझ रहा है, तब योग और आयुर्वेद की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महसूस की जा रही है। योग शरीर, मन और आत्मा को संतुलन में लाकर आंतरिक शांति और स्थिरता प्रदान करता है।
इन योग क्रियाओं का किया अभ्यास: आश्रम में सूर्योदय के साथ साधकों ने योगाचार्य सुधांशु शर्मा के साथ सनराइज चैंटिंग का आनंद लिया। इस दौरान गंगाघाट मंत्रोच्चार और भक्ति से वातावरण गुंजायमान रहा। योगाचार्य डॉ. इन्दु शर्मा ने क्रिया योग, डॉ. रुचि गुलाटी ने प्राणायाम तकनीकों का अभ्यास कराया। योगाचार्य साध्वी आभा सरस्वती ने योग निद्रा सत्र के माध्यम से गहन विश्राम और आंतरिक जागरूकता का अनुभव कराया। योगाचार्य किया मिलर ने चक्र इंटेलिजेंस क्रिया और ध्यान सत्र से शरीर की सूक्ष्म ऊर्जा प्रणालियों की जानकारी प्रदान की। योगाचार्य केटी बी हैप्पी ने रेवरेंस फ्लो सत्र के माध्यम से पांचवें और छठे चक्र के संतुलन पर आधारित विन्यास अभ्यास कराया।
विश्व शांति को यज्ञ का भी आयोजन: योग महोत्सव में स्वामी चिदानंद और साध्वी भगवती सरस्वती की मौजूदगी में साधकों ने विश्व में शांति, स्वास्थ्य और सामंजस्य की प्रार्थनाओं के साथ यज्ञ किया। साधकों ने यज्ञ में आहुति डालते हुए एकजुटता का संकल्प भी लिया। स्वामी चिदानंद ने कहा कि शांति और स्वास्थ्य से किसी भी समाज की तरक्की संभव है। दुनिया में शांति होगी, तो ही मानव का भी कल्याण संभव है। वहीं, शाम को गंगा आरती के बाद जैमिंग बैंड के सदस्यों ने प्रस्तुति दी। राघव और प्राची की जोड़ी ने शानदार प्रस्तुति देकर साधकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।

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