विकासनगर। बासिक महासू देवता मैंद्रथ मंदिर में देवता की नव निर्मित पालकी श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ मंदिर के गर्भगृह से बाहर निकाली गई। चार महासू देवताओं में सबसे बड़े बासिक महासू देवता इन दिनों मैंद्रथ मंदिर में विराजमान है। देवता की आज्ञानुसार बासिक महासू देवता मंदिर का सिंहासन और नई पालकी को सोने, चांदी की धातु से सजाया गया है। सोने, चांदी से जड़ित पालकी की सुन्दरता दिव्य और भव्य लग रही है। बजीर दीवान सिंह राणा ने बताया पालकी में चालीस किलो से अधिक चांदी का प्रयोग किया गया है। पालकी को दिव्य रुप देने को सोने का भी अच्छी मात्रा में प्रयोग किया गया है। देव आज्ञानुसार बुधवार सुबह शुभ मुहूर्त पर दस बजे पालकी को गर्भगृह से बाहर निकाला गया। देव पालकी के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में बावर, फनार, देवघार, बाणाधार सहित बंगाण और हिमाचल प्रदेश से श्रद्धालु पहुंचे थे। देव पालकी दर्शन कार्यक्रम को भव्य बनाया गया था। श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे की व्यवस्था की गई थी। बासिक महासू देवता की पालकी के दर्शन करने के साथ ही बौठा महासू देवता हनोल, पवासी महासू देवता ठडियार, चालदा महासू देवता दसऊ से देव चिन्ह, डोरिया के दर्शन करने का भी अवसर मिला। देव दर्शन के लिए सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। इस दौरान हरीश चन्द्र राणा, धीरज सिंह, देव माली भवान सिंह, आदित्य पंवार, जयपालसिंह पंवार, पृथ्वी सिंह पंवार, बलवीर पंवार, सुल्तान पंवार, पुरोहित मोहनलाल सेमवाल, पुजारी विरेन्द्र सेमवाल, प्यारे लाल, अभिराम, सूरतराम, सोनू, चमन, कुंदन, नीरज, अजय राणा आदि मौजूद रहे।